नई दिल्ली: रामलीला मैदान में वोट चोरी के खिलाफ आयोजित महारैली में तमाम विपक्षी दलों के नेता शामिल हो रहे हैं. पहले सभी विपक्षी नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर जुटे, जिसके बाद वहां से एक खुली बस में सवार होकर सभी नेता मिंटो ब्रिज के लिए रवाना हुए. विपक्ष की यह रैली कनॉट प्लेस से शुरू होकर मिंटो रोड जंक्शन और अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान पहुंची. विपक्ष ने 1 लाख लोगों के जुटने का दावा किया है.
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इससे पहले रामलीला मैदान में सुबह से ही कार्यकर्ताओं का पहुंचना शुरू हो गया है. दोपहर में अलग-अलग नज़ारे देखने को मिले. कुछ कार्यकर्ता एसआईआर प्रक्रिया में कटे हुए नामों को बैनर में प्रिंट कराकर प्रदर्शन स्थल पहुंच रहे हैं. कर्नाटक कांग्रेस के पूर्व सोशल मीडिया प्रमुख श्रीवत्स ने ‘एक्स‘ पर लिखा,”अकेले एक राज्य में लाखों लोगों के नाम काटे गए हैं. कार्यकर्ताओं ने उनके नाम को बैनर में प्रिंट करके रामलीला मैदान पहुंच रहे हैं.”
राहुल गांधी का बीजेपी पर ये आरोप
इससे पहले राहुल गांधी ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि कनॉट प्लेस में बीजेपी ने सारी की सारी दुकानें जबरदस्ती बंद करवा दी. उन्होंने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा, “हमने सभी लोगों से कहा कि जब आप मार्च और महा रैली के लिए यहां आएंगे तो चीजें खरीदेंगे, खरीदारी करेंगे मगर, यहां कनॉट प्लेस में आते हुए हमें पता लगा कि बीजेपी ने सारी की सारी दुकानें जबरदस्ती बंद करवा दी.” राहुल गांधी ने कहा, “तो व्यापारियों का नुकसान कौन कर रहा है, कैसे हो रहा है, यह आप जान लीजिए.”
चैंबर ऑफ़ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने लिखा पत्र
इससे पहले दिल्ली के चैंबर ऑफ़ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने एक नंवबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को एक पत्र लिखा. इसमें सीटीआई ने आशंका जताई कि रैली के कारण दिल्ली के प्रमुख बाज़ारों में व्यापारिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं. सीटीआई ने कहा, “रामलीला मैदान के आसपास पांच किलोमीटर के दायरे में स्थित क़रीब 3 लाख दुकानों में से लगभग 2.5 लाख दुकानें बंद रहने की आशंका है. इससे क़रीब 80 फ़ीसदी कारोबार प्रभावित हो सकता है.”

