न्यूज डेस्क : झारखंड में हुए शराब घोटाला मामले में एसीबी ने रामगढ़ डीसी फैज अक अहमद से हुई पूछताछ के बाद अब एक और उपायुक्त से पूछताछ करने की तैयारी में है. तत्कालीन उत्पाद आयुक्त और वर्तमान में जमशेदपुर डीसी कर्ण सत्यार्थी को झारखंड की जांच एजेंसी एसीबी ने पूछताछ के नोटिस भेजा है. उन्हें पूछताछ के लिए गुरुवार को एसीबी मुख्यालय बुलाया गया है.
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इस मामले में पूर्व में हुई जांच और कई लोगों से हुई पूछताछ के दौरान एसीबी को इसकी जानकारी मिली थी कि शराब घोटाला को उजागर करने में दो अधिकारियों ने अहम भूमिका निभाई थी. इसमें तत्कालीन उत्पाद आयुक्त व वर्तमान में रामगढ़ डीसी फैज अक अहमद व कर्ण सत्यार्थी शामिल थे. इन दोनों अधिकारियों को कुछ माह पूर्व एसीबी ने गवाह के रूप में नोटिस भेजा था.
जांच में एसीबी को जानकारी मिली थी कि संबंधित अधिकारियों ने आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन उसे नजरअंदाज किया गया था. तब नोटिस भेजने के बाद दोनों आईएएस से बतौर गवाह बयान लेने के निर्णय को एसीबी ने वापस ले लिया था. इस कारण पूछताछ नहीं हो सकी थी. लेकिन एसीबी द्वारा फिर से रामगढ़ डीसी फैज अक अहमद को बुलाकर पूछताछ की गयी. इनके द्वारा अपने कार्यालय द्वारा किये गये कार्यों के संबंध में बिंदुओं पर जानकारी दी गयी है.
13 लोगों के खिलाफ दर्ज है प्राथमिकी
बता दें कि झारखंड में हुए शराब घोटाला मामले में एसीबी ने उत्पाद विभाग के तत्कालीन प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे सहित 13 लोगों पर बीते 20 मई को प्राथमिकी दर्ज की थी. इस दर्ज मामले के तहत 21 मई को विनय कुमार चौबे से पहले लंबी पूछताछ और उसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई थी. एसीबी की प्राथमिकी में दो प्लेसमेंट एजेंसियों की फर्जी बैंक गारंटी की जवाबदेह अफसरों ने जांच नहीं की थी. इस वजह से 38.44 करोड़ का शराब घोटाला हुआ था.
लेकिन प्लेसमेंट एजेंसियों पर कार्रवाई नहीं की गयी. नियमानुकूल रिकवरी नहीं होने पर मेसर्स विजन हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज एंड कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड पर मार्च 2025 तक 12 करोड़ 98 लाख 18 हजार 405 रुपये और मेसर्स मार्शन इनोवेटिव सिक्यूरिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर मार्च 2025 तक 25 करोड़, 46 लाख 66 हजार 313 रुपये की देनदारी की बात सामने आयी थी.


