Sunday, November 1, 2026

अयोध्या राममंदिर के शिखर पर 25 नवंबर को फहरेगा विशेष ध्वज, PM मोदी करेंगे ध्वजारोहण

देश : अयोध्या में राममंदिर के शिखर पर ध्वज फहराने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। यह ऐतिहासिक कार्यक्रम 25 नवंबर को आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बटन दबाकर ध्वज को फहराएंगे। इस दौरान RSS प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद रहेंगे। ध्वजारोहण के लिए दोपहर 12 बजे से 12.30 बजे के बीच का अभिजीत मुहूर्त तय किया गया है। माना जाता है कि इसी मुहूर्त में भगवान राम का जन्म भी हुआ था।

10 सेकेंड में हवा में लहराने लगेगा ध्वज

बटन दबाते ही 10 सेकेंड में ध्वज हवा में लहराने लगेगा। केसरिया रंग के इस विशेष ध्वज पर सूर्य, ॐ और कोविदार वृक्ष (अयोध्या का प्रतीक शाही वृक्ष, जिसे कचनार भी कहते हैं) के चिह्न बने हुए हैं। ये सभी चिह्न भगवान राम के सूर्यवंश से जुड़े हैं। ध्वजारोहण के समय वैदिक मंत्रों के बीच ध्वज को सलामी दी जाएगी और पूरे मंदिर परिसर में घंटे-घड़ियाल बजने लगेंगे।

मंगलवार को ध्वजा फहराकर किया गया ट्रायल

ध्वजारोहण समारोह से पहले मंगलवार को मंदिर के शिखर पर ध्वजा फहरा कर ट्रायल किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी तैयारियों का जायजा लेने अयोध्या पहुंचे। मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर 42 फीट ऊंचा लोहे का स्तंभ लगाया गया है, जिस पर 22 फीट लंबी और 11 फीट चौड़ी पताका फहराई जाएगी। यह ध्वज लगभग 3 किलोमीटर तक से दिखाई देगा।

ऑटोमैटिक फ्लैग होस्टिंग सिस्टम

ध्वज फहराने के लिए एक आधुनिक ऑटोमैटिक फ्लैग होस्टिंग सिस्टम लगाया गया है। इसी सिस्टम की मदद से ध्वज को बदलना भी आसान होगा। पुजारियों को शिखर तक चढ़कर ध्वज बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कंट्रोल रूम से ध्वज को नीचे लाया जा सकेगा। हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि ध्वज कितने समय पर बदला जाएगा। हवा के साथ ध्वज 360 डिग्री घूम सकेगा।

पहली बार मनाया जाएगा राम-सीता विवाह उत्सव

राम मंदिर में इस बार पहली बार राम-सीता विवाह उत्सव मनाया जा रहा है। इस त्योहार के दौरान करीब 8 हजार लोगों के पहुंचने का अनुमान है। इनमें से लगभग 2500 लोगों के ठहरने की व्यवस्था तीर्थ पुरम में बनाई गई टेंट सिटी में की जा रही है। 25 नवंबर को VIP मूवमेंट के कारण आम भक्तों के लिए दर्शन बंद रहेंगे। श्रद्धालु 26 नवंबर से दर्शन कर सकेंगे।

PM मोदी का 3 घंटे का अयोध्या दौरा

प्रधानमंत्री का कार्यक्रम लगभग 3 घंटे का होगा। वह सुबह 11 बजे अयोध्या पहुंचेंगे। सबसे पहले हनुमानगढ़ी में पूजा करेंगे। इसके बाद राममंदिर में रामलला और राम दरबार के दर्शन कर आरती उतारेंगे। दोपहर अभिजीत मुहूर्त में 191 फीट ऊंचे शिखर पर ध्वजारोहण करेंगे।

PM मोदी सप्त मंदिर परकोटा, शेषावतार मंदिर और रामायण पर आधारित श्री डी म्यूरल्स भी देख सकते हैं। इसके बाद वे मंदिर निर्माण में शामिल इंजीनियरों और श्रमिकों से मुलाकात कर सकते हैं। इसके लिए मां अन्नपूर्णा मंदिर के पीछे ग्रीन हाउस तैयार किया गया है। यहाँ SPG ने सुरक्षा का पूरा नियंत्रण संभाल लिया है।

खास तकनीक से बना है राममंदिर का ध्वज

अहमदाबाद के कारीगरों द्वारा तैयार यह ध्वज कई मायनों में अनोखा है। इसे विशेष नायलॉन पैराशूट फैब्रिक से बनाया गया है। धूप, बारिश और तेज हवा से खराब ना हो, इसके लिए डबल कोटेड सिंथेटिक परत डाली गई है। ध्वज पर सूर्यवंश, ॐ और कोविदार वृक्ष के चिह्न अंकित हैं। ट्रस्ट का कहना है कि ऑटोमैटिक सिस्टम की वजह से ध्वज बदलना आसान होगा, लेकिन बदलाव की अवधि अभी तय नहीं है।

ध्वजारोहण अभिजीत मुहूर्त में क्यों?

मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि भगवान राम के जन्म का मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त माना जाता है। इसी कारण ध्वजारोहण भी इसी शुभ समय में किया जा रहा है। भगवान से जुड़े सभी कार्यों में उनके जन्म नक्षत्र और मुहूर्त का विशेष महत्व माना जाता है।

एयर नाऊ स्पेशल

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