Thursday, July 23, 2026

12 राज्यों में एसआईआर के एलान पर योगेंद्र यादव ने उठाए सवाल, सपा सांसद डिंपल यादव ने ये कहा

न्यूज डेस्क : चुनाव आयोग ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस कर देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के दूसरे फेज़ की घोषणा की. इसे लेकर राजनीतिक विश्लेषक सह स्वराज अभियान के संयोजक योगेंद्र यादव ने सवाल उठाए हैं. योगेंद्र यादव ने चुनाव आयोग से 14 सवाल किए हैं.

योगेंद्र यादव ने पूछे 14 सवाल

WhatsApp Image 2025 10 27 at 20.26.22

योगेन्द्र यादव ने कहा कि आयोग को यह बताना चाहिए कि बिहार में एसआईआर के अनुभव से उन्हें क्या सीख मिली और इन सीखों को ध्यान में रखते हुए एसआईआर के मूल आदेश में क्या संशोधन किए गए. उन्होंने सवाल किया, “क्या एसआईआर का उद्देश्य अवैध विदेशी नागरिकों को हटाना है? अगर हां, तो चुनाव आयोग को यह जानकारी देनी चाहिए कि बिहार में कितने विदेशी पाए गए और कितने मतदाता सूची से हटाए गए?”

योगेंद्र यादव ने कहा कि चुनाव आयोग को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि वह किस आधार पर 2002/2003 को कटऑफ़ वर्ष मानता है. जबकि 2002/2003 की प्रक्रिया के दौरान नागरिकता को लेकर किसी भी तरह का सत्यापन नहीं हुआ था.

‘सरकार की मंशा साफ़ नहीं’

WhatsApp Image 2025 10 27 at 21.20.53

चुनाव आयोग की घोषणा पर समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि ‘सरकार की मंशा साफ़ नहीं’ है. पत्रकारों से बातचीत में डिंपल यादव ने कहा, “सवाल यह है कि एसआईआर कराने के पीछे की आख़िर मंशा क्या है? न जाने कितने चुनाव हो गए हैं. तो क्या अभी तक जो चुनाव हुए हैं वो अलोकतांत्रिक तरीक़े से हुए हैं?” उन्होंने कहा, “सरकार की मंशा साफ़ नहीं है. सरकार पूरी तरह से देश के डेमोक्रैटिक सेटअप को नुक़सान पहुंचाने की कोशिश कर रही है.”

असम में अभी नहीं होगा एसआईआर 

चुनाव आयोग ने सोमवार को जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की घोषणा की है, उसमें अंडमान और निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु शामिल है. इनमें से तीन राज्यों- पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं. अगले साल असम में भी चुनाव हैं, लेकिन उसे एसआईआर के दूसरे फेज़ में शामिल नहीं किया गया है.

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर