रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने गुमला विधायक को बड़ी राहत दी है। अदालत ने उनके खिलाफ गुमला थाना में दर्ज एक आपराधिक मामले को निरस्त कर दिया है। अदालत ने कहा कि दर्ज प्राथमिकी में पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं और मामला न्यायिक रूप से टिकाऊ नहीं है।
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क्या है पूरा मामला
गुमला विधायक के खिलाफ कुछ महीने पहले गुमला थाना में एक केस दर्ज किया गया था। आरोप था कि विधायक ने सरकारी कार्य में बाधा डाली और कुछ लोगों से विवाद किया था। इस मामले में विधायक ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था और प्राथमिकी को चुनौती दी थी।
हाईकोर्ट का फैसला
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान विधायक के वकीलों ने तर्क दिया कि यह मामला राजनीतिक द्वेष के कारण दर्ज किया गया था और इसमें कोई ठोस प्रमाण नहीं है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि प्राथमिकी में अपराध के स्पष्ट तत्व नहीं दिखते। इसके बाद अदालत ने गुमला थाना में दर्ज केस को रद्द करने का आदेश दिया।
विधायक ने कहा – न्याय पर भरोसा कायम हुआ
फैसले के बाद विधायक ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और अदालत ने उनके साथ न्याय किया है। उन्होंने कहा कि यह केस झूठे आरोपों के आधार पर बनाया गया था, जिसका सच अब सामने आ गया है।
स्थानीय राजनीति में हलचल
हाईकोर्ट के फैसले के बाद गुमला की राजनीति में हलचल मच गई है। समर्थकों ने विधायक को बधाई दी और इसे ‘सच्चाई की जीत’ बताया। वहीं विपक्षी दलों ने कहा कि अदालत के फैसले का सम्मान करते हुए अब विधायक को जनहित के कार्यों पर ध्यान देना चाहिए। हाईकोर्ट के इस फैसले से विधायक को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अब उनके खिलाफ दर्ज मामला पूरी तरह समाप्त हो गया है। फैसले के बाद इलाके में उनके समर्थकों में खुशी का माहौल देखा गया।


