चुनाव आयोग : बिहार विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों की खर्च सीमा तय कर दी है. एक प्रत्याशी अधिकतम 40 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे. वाहन, होटल, मंच से लेकर पोस्टर-बैनर, झंडा, फूल-माला, टोपी समेत कुल 192 तरह की वस्तुओं एवं सेवा का बाजार मूल्य दर निर्धारित कर दिया है. इसी दर से उम्मीदवारों का चुनावी खर्च जोड़ा जाएगा. चाय, नाश्ता से लेकर खाने की थालियों तक की कीमत तय कर दी गई है. सभी खर्चे का हिसाब-किताब प्रत्याशी को रखना होगा. चुनाव प्रचार के दौरान नेताजी के पीछे चलने वाली फौज की पेट पूजा से लेकर अन्य सभी तरह के खर्चे पर आयोग की पैनी नजर रहेगी.

कार्यकर्ताओं व समर्थकों को एक प्लेट पूरी-जलेबी खिलाने पर नेताजी के खाते में 50 रुपये जुड़ जाएंगे. इसी तरह मुंह मीठा करने के लिए एक रसगुल्ला खिलाने पर 15 रुपये, एक ग्लास सत्तु पिलाने पर 20 रुपये जुड़ेंगे. लिट्टी प्रति पीस 10 रुपये, कोल्ड ड्रिंक और मिनरल वाटर पिलाने पर 20-20 रुपए प्रत्याशी के खाते में जुड़ेगा. एक बैलून व कैंडल खरीदने पर भी 5-5 रुपये का हिसाब देना होगा. चुनावी सभाओं में समर्थकों के लिए कुर्सी लगाने पर प्रति कुर्सी एक दिन का न्यूनतम 10 और अधिकतम 30 रुपये तय किया गया है. इसी तरह सोफा का किराया 300 रुपये, दरी बिछाने पर प्रति दरी 25 रुपये और खुशी में बैंड बाजा बजवाने पर प्रतिदिन आठ हजार व तोरण द्वार बनवाने पर न्यूनतम 2500 और अधिकतम आठ हजार रुपये चुनावी खर्चे में जुड़ेगा.
इसी तरह कार्यकर्ताओं व लोगों को एक गमछा बांटने पर 50 रुपये चुकाना होगा तो वहीं बैनर कपड़े का प्रतिवर्ग फीट 15 रुपये और बैनर फ्लैक्सी प्रतिवर्ग फीट 20 रुपये होगा. चुनावी स्टेज निर्माण का खर्च प्रति वर्ग फीट प्रतिदिन 35 रुपये निर्धारित किया गया है. साउंड बाक्स लाने पर प्रतिदिन 200 रुपये चार्ज देना होगा. लाउडस्पीकर, एम्लीफायर व माइक्रो फोन का इस्तेमाल करने पर प्रतिदिन का किराया 1200 रुपये जुड़ेगा. होटल का किराया 500 से अधिकतम 3500 रुपये तक तय किया गया है.


