लद्दाख : लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले दिनों से खबरों में हैं। वजह, उन पर पाकिस्तान से जुड़े होने और बांग्लादेश की सरकार गिराने की साजिश रचने के आरोप लगाए जा रहे हैं। अब उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो सामने आई हैं। उन्होंने सोमवार को एक्स पर दो फोटो पोस्ट कीं। पहली फोटो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बांग्लादेश के एडवाइजर मोहम्मद यूनुस के साथ खड़े हैं। दूसरी फोटो में यूनुस के साथ सोनम वांगचुक नजर आ रहे हैं। कैप्शन में गीतांजलि ने लिखा कि अगर पीएम मोदी यूनुस से मिल सकते हैं, तो सोनम वांगचुक के मिलने में दिक्कत क्यों है। ये पोस्ट ट्रोलर्स को जवाब थी। क्योंकि सोशल मीडिया पर लगातार वांगचुक पर सवाल उठ रहे हैं कि उन्होंने यूनुस से मुलाकात क्यों की और क्या वो बांग्लादेश की सरकार के खिलाफ साजिश का हिस्सा थे। गीतांजलि ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
बांग्लादेश-भारत रिश्तों की पृष्ठभूमि
दरअसल, यूनुस के साथ वांगचुक की फोटो साल 2020 की है। उस वक्त ढाका में ब्रिटिश हाई कमीशन के एक कार्यक्रम में दोनों की मुलाकात हुई थी। तब बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार थी। अगस्त 2024 में हसीना को छात्र आंदोलनों के चलते पद छोड़ना पड़ा। ये आंदोलन भ्रष्टाचार और कोटा सिस्टम के खिलाफ था। उसके बाद मोहम्मद यूनुस को बांग्लादेश का एडवाइजर बनाया गया। अब दूसरी फोटो की बात करें। अप्रैल 2025 में बैंकॉक में एक शिखर सम्मेलन हुआ। वहां पीएम मोदी की मुलाकात मोहम्मद यूनुस से हुई थी। इस मुलाकात के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि भारत ने बांग्लादेश में कट्टरवाद और अल्पसंख्यकों पर हमलों को लेकर चिंता जताई है। साथ ही शेख हसीना के भारत में निर्वासन को लेकर भी दोनों देशों के बीच तनाव है। मतलब साफ है कि यूनुस और भारत सरकार के बीच बातचीत होती रही है। ऐसे में सोनम वांगचुक की मुलाकात को साजिश बताना सही नहीं बैठता। गीतांजलि अंगमो ने रविवार को भी एक्स पर पोस्ट किया था। लिखा कि अगर भारत पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेल सकता है, तो वांगचुक से यून इवेंट में मुलाकात पर सवाल क्यों। ये भी सोशल मीडिया पर ट्रोल्स को जवाब था।
पत्नी गीतांजलि का बयान – बेबुनियाद हैं सभी आरोप
सोमवार को पीटीआई को दिए इंटरव्यू में गीतांजलि ने पति पर पाकिस्तान से जुड़े होने के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि उनके पति की पाकिस्तान यात्राएं जलवायु परिवर्तन के कार्यक्रमों से जुड़ी थीं। वहां संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन होते हैं। हिमालय के ग्लेशियर का पानी पाकिस्तान और भारत दोनों में जाता है। उसमें कोई राजनीतिक सीमा नहीं होती। गीतांजलि ने 4 सितंबर की हिंसा पर भी बड़ा आरोप लगाया। कहा कि उसके लिए सीआरपीएफ जिम्मेदार है। उन्होंने बताया कि वे अपने पति से संपर्क नहीं कर पा रही हैं। अभी तक गिरफ्तारी का कोई आदेश नहीं मिला है। अगर ऐसा होता है तो कानूनी कार्रवाई करेंगी।
फोटो विवाद पर ट्रोल्स को जवाब
आपको बता दें कि गीतांजलि अंगमो खुद भी एक एक्टिविस्ट हैं और हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव लर्निंग की सह-संस्थापक हैं। उन्होंने साफ कहा है कि सोनम वांगचुक के खिलाफ चलाए जा रहे नैरेटिव में कोई सच्चाई नहीं है। अब सवाल है कि ये पूरा विवाद क्यों खड़ा हुआ। वजह है बांग्लादेश में हालिया बदलाव। शेख हसीना के हटने के बाद मोहम्मद यूनुस का उभार हुआ। भारत और ढाका के रिश्ते में खटास आई। अल्पसंख्यकों पर हमले हुए। भारत ने इसकी आलोचना की। ऐसे माहौल में सोनम वांगचुक की यूनुस से पुरानी तस्वीरों को उठाकर ट्रोल्स ने साजिश की थ्योरी बना दी।
लेकिन अब उनकी पत्नी ने दो टूक कहा है कि ये सब आरोप सिर्फ उन्हें बदनाम करने के लिए हैं। और सवाल भी उठाया कि अगर भारत सरकार खुद यूनुस से मिल रही है तो सोनम वांगचुक की तस्वीरें क्यों संदिग्ध बताई जा रही हैं।
यानी कहानी साफ है। एक तरफ है राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप, दूसरी तरफ है पर्यावरण आंदोलन से जुड़े लोग और उनका परिवार। अब ये मामला कितना राजनीतिक रंग लेता है और वांगचुक पर प्रशासन की अगली कार्रवाई क्या होगी, इस पर सबकी नजर है।


