दिल्ली। दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट-रिसर्च के प्रमुख स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसारथी को 27 सितंबर की रात आगरा से गिरफ्तार किया गया। चैतन्यानंद पर कई छात्राओं के यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप हैं।
गिरफ्तार हुआ चैतन्यानंद
पुलिस के अनुसार, चैतन्यानंद कुछ समय से फरार था और उसकी आखिरी लोकेशन आगरा में मिली थी। कई टीमों की लगातार छापेमारी के बाद उसे वसंत कुंज पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां उससे पूछताछ जारी है। आरोपी के पास से पुलिस ने दो फर्जी विजिटिंग कार्ड बरामद किए, जिनमें उसे संयुक्त राष्ट्र का स्थायी राजदूत और ब्रिक्स संयुक्त आयोग का सदस्य बताया गया।
आगरा के होटल रिसेप्शनिस्ट के मुताबिक, चैतन्यानंद शनिवार शाम करीब 4 बजे होटल में पहुंचे और उनके ठहरने के दौरान कोई उनसे मिलने नहीं आया। रात लगभग 3:30 बजे दो पुलिसकर्मी आए, जिन्होंने खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताया और वहां से उन्हें अपने साथ ले गए।
छात्राओं के आरोप
जांच में सामने आया कि आरोपी, छात्राओं को धमकाकर, अश्लील मैसेज भेजकर और विदेश यात्रा का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। वह कई बार छात्राओं को देर रात अपने कमरे में बुलाता और कम ग्रेड देने की धमकी देता। पुलिस ने आरोपी द्वारा भेजे कुछ वॉट्सएप मैसेज भी बरामद किए हैं, जिनमें वह छात्राओं को “बेबी”, “आई लव यू” और “आई अडोर यू” जैसे संदेश भेजता था, साथ ही उनके बालों और कपड़ों की तारीफ करता था।
चैतन्यानंद के सहकर्मी भी हैं संलिप्त
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि तीन महिला वार्डन और फैकल्टी आरोपी की मदद करती थीं। वे छात्राओं पर दबाव डालकर चैट्स डिलीट करवाती और उन्हें चुप रहने के लिए कहती थीं। आरोपी ने विशेष रूप से ईडब्ल्यूएस कोटे की छात्राओं को टारगेट किया क्योंकि वे आर्थिक रूप से कमजोर थीं और स्कॉलरशिप पर पढ़ रही थीं।
शिकायत और बयान दर्ज
अब तक 32 छात्राओं से पूछताछ की गई है, जिनमें से 17 ने सीधे यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई। 16 छात्राओं ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान भी दर्ज कराए हैं। पुलिस का कहना है कि कुछ छात्राओं को आरोपी की ओर से विदेश टूर का झांसा भी दिया गया।
यह मामला न केवल शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा और जिम्मेदारी के सवाल को सामने लाता है, बल्कि महिला छात्राओं के अधिकारों और मानसिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को भी उजागर करता है।


