न्यूज डेस्क : काली चौदस 2026 इस साल 7 नवंबर को मनाई जाएगी। इस दिन मां काली की विशेष पूजा की जाती है। जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, निशीथ काल का समय, पूजा की विधि, धार्मिक महत्व और दिवाली के साथ काली चौदस का क्या संबंध है।
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Kali Chaudas 2026 Date: काली चौदस का पर्व इस साल 7 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में इस दिन मां काली की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, निशीथ काल यानी आधी रात में मां काली की आराधना करना शुभ माना जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार पूजा का शुभ मुहूर्त 7 नवंबर की रात 11:41 बजे से 8 नवंबर की रात 12:33 बजे तक रहेगा। इस दौरान भक्त विधि-विधान से मां काली की पूजा कर सकते हैं।
रात्रि में होने वाली इस पूजा को विशेष फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि मां काली की आराधना करने से भक्तों को भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा मिलती है। आइए जानते हैं काली चौदस का दिवाली से क्या संबंध है और इस दिन मां काली की पूजा कैसे की जाती है।
दिवाली से एक दिन पहले क्यों होती है काली पूजा?
काली पूजा और दीपावली, दोनों का संबंध अमावस्या तिथि से है। मां काली की पूजा मुख्य रूप से अमावस्या की आधी रात यानी निशीथ काल में की जाती है। वहीं, दिवाली के दिन मां लक्ष्मी की पूजा प्रदोष काल में होती है।
दोनों पूजाओं के समय अलग-अलग होने के कारण कई बार काली पूजा दिवाली से एक दिन पहले भी की जाती है। हालांकि, पूजा की सही तारीख और समय का निर्धारण पंचांग में तिथि और मुहूर्त की गणना के आधार पर होता है।
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Maa Kali Puja Vidhi: कैसे करें मां काली की पूजा?
काली चौदस पर मां काली की पूजा करने की अलग-अलग परंपराएं हैं। कुछ विशेष परंपराओं में आधी रात के बाद श्मशान भूमि में देवी कालरात्रि और वीर वेताल जैसे रक्षक देवताओं की पूजा की जाती है। वहीं, सामान्य भक्त घर या मंदिर में दीपक जलाकर मां काली की आराधना करते हैं। पूजा के दौरान देवी के मंत्रों का जाप किया जाता है और परिवार की सुख-शांति व सुरक्षा की कामना की जाती है।
भक्त अपनी पारिवारिक और क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार पूजा कर सकते हैं। शुभ मुहूर्त और चौघड़िया देखकर पूजा करना भी प्रचलित है।
Kali Chaudas Significance: काली चौदस का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, काली चौदस बुरी शक्तियों और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव का प्रतीक है। इस दिन मां दुर्गा के उग्र स्वरूप देवी कालरात्रि की आराधना की जाती है।
मान्यता है कि मां काली अपने भक्तों को भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों से बचाती हैं। इस अवसर पर लोग घरों में दीपक जलाते हैं और देवी से परिवार की खुशहाली, सुरक्षा और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करते हैं।
काली चौदस का पर्व भक्तों को बुराई पर अच्छाई की जीत और शक्ति की उपासना का संदेश भी देता है।

