गिरिडीह : गांडेय विधानसभा क्षेत्र के बेलाटांड़ गांव में जमीन विवाद को लेकर जेएमएम महिला मोर्चा की जिला सचिव सह मुखिया आशा शर्मा और उनके बेटे कर्ण शर्मा के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि घटना के छह दिन बाद भी पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। रविवार को आशा शर्मा, उनके बेटे और मुखिया शिवनाथ साहू ने मामले को लेकर नाराजगी जताई।
इसे भी पढ़ें: सीसीएल गिरिडीह में मना कोल इंडिया स्थापना दिवस, 12 कर्मचारियों को मिला चयन प्रमाण-पत्र
आशा शर्मा ने बताया कि 27 अक्टूबर को सूचना मिलने पर वह अपने बेटे के साथ बेलाटांड़ स्थित अपनी पैतृक जमीन पर पहुंचीं। वहां देवी लाल मुर्मू, सोन टुडू, रामलाल सोरेन, लूसी किस्कू और सुबोध गोस्वामी कथित तौर पर उनकी छह एकड़ जमीन पर ट्रेंच कटवा रहे थे। विरोध करने पर आरोपियों ने कथित रूप से लोहे की रॉड और लाठियों से मां-बेटे की पिटाई कर दी। सूचना मिलने पर गांडेय थाना प्रभारी आनंद सिंह मौके पर पहुंचे और दोनों को बचाया।
मीडिया से बातचीत के दौरान आशा शर्मा और उनका बेटा रो पड़े। उन्होंने अपने शरीर पर चोट के निशान दिखाते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पीड़िता के अनुसार, मामले की जानकारी डीसी, एसपी डॉ. विमल कुमार और सदर एसडीपीओ जितवाहन को भी दी गई थी।
आशा शर्मा का आरोप है कि गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने गिरिडीह दौरे के दौरान कार्रवाई का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। मुखिया शिवनाथ साहू ने भी घटना की निंदा करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। पीड़िता का कहना है कि आवेदन के बाद गांडेय थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई, लेकिन पांचों आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

