धनबाद: लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर धनबाद के न्यू टाउन हॉल में एक समारोह का आयोजन किया गया। लव कुश सेवा संघ, झारखंड प्रदेश की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में देश की एकता और अखंडता के साथ किसानों और आदिवासियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में बिहार के काराकाट से सांसद राजाराम सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
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समारोह की शुरुआत सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर की गई। इस दौरान आयोजकों ने अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। वक्ताओं ने सरदार पटेल के जीवन, उनके संघर्ष और देश को एकजुट करने में उनके योगदान को याद किया।
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देश को एकजुट करने में सरदार पटेल की अहम भूमिका
मुख्य अतिथि सांसद राजाराम सिंह ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल कांग्रेस के बड़े नेता होने के साथ संविधान सभा के सदस्य भी थे। देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने अल्पसंख्यकों, आदिवासियों और रियासतों से जुड़े मामलों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
सांसद ने कहा कि महात्मा गांधी की हत्या के बाद तत्कालीन गृह मंत्री के रूप में सरदार पटेल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था। उन्होंने बताया कि किसान आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के कारण ही वल्लभभाई पटेल को ‘सरदार’ की उपाधि मिली थी।
जल, जंगल और जमीन पर कॉरपोरेटाइजेशन को लेकर चिंता
वर्तमान परिस्थितियों पर चर्चा करते हुए सांसद राजाराम सिंह ने कहा कि जल, जंगल और जमीन के बढ़ते कॉरपोरेटाइजेशन से किसानों और आदिवासियों के सामने कई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। उन्होंने कहा कि आज सरदार पटेल के विचारों और आदर्शों को समझना और उन्हें अपने जीवन में अपनाना जरूरी है। उनके संघर्षों से प्रेरणा लेकर देश की एकता, सामाजिक समरसता और आम लोगों के हितों की रक्षा के लिए काम करना चाहिए।

