रांची : झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को तत्काल प्रभाव से पार्टी अनुशासन के उल्लंघन के आरोप में तीन साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर पिछले महीने अमर्यादित बयान देने के आरोप में पूर्व मंत्री के खिलाफ झारखंड कांग्रेस ने यह कार्रवाई की है. प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने इसकी पुष्टि की है।
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प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने बताया कि योगेंद्र साव की ओर से गठबंधन सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ मीडिया में लगातार आपत्तिजनक, अपमानजनक और व्यक्तिगत टिप्पणियां की जा रही थीं. इस मामले में उन्हें 20 सितंबर 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. उनके जवाब, 26 सितंबर को हुई व्यक्तिगत सुनवाई और प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद निष्कासन का फैसला लिया गया.
इसकी जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस क़े मिडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने बताया कि योगेंद्र साव द्वारा मीडिया के माध्यम से गठबंधन सरकार एवं मुख्यमंत्री के विरुद्ध लगातार आपत्तिजनक और व्यक्तिगत टिप्पणियां किए जाने के कारण उन्हें 20 सितंबर 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. उनके जवाब की समीक्षा, 26 सितंबर को व्यक्तिगत सुनवाई और प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया है.
बता दें कि पिछले महीने हजारीबाग में जमीन और प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान योगेंद्र साव की अंचल अधिकारी (CO) के साथ तीखी बहस हुई थी. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें वो मुख्यमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते नजर आए थे. जिसके बाद सत्ताधारी गठबंधन के प्रमुख दल झारखंड मुक्ति मोर्चा ने कड़ी आपत्ति जताई और कांग्रेस से कार्रवाई की मांग की थी.
20 मार्च 2026 को भी हुए थे निष्कासित
कांग्रेस अनुशासन समिति के द्वारा दिए गए रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि योगेंद्र साव को पूर्व में भी अनुशासनहीनता के कारण 20 मार्च 2026 को निष्कासित किया गया था. पार्टी अनुशासन का पालन करने का आश्वासन देने और खेद व्यक्त करने के बाद उन्हें 25 जून 2026 को पुनः बहाल किया गया. इसके बावजूद उनके द्वारा फिर से आपत्तिजनक बयानबाजी करना और पार्टी के निर्देशों की अवहेलना करना गंभीर मामला है ऐसी स्थिति में उन्हें निलंबित करने की अनुशंसा की गई.

