Thursday, October 29, 2026

MMDR पर कांग्रेस-झामुमो की बेजा राजनीति से छात्रों के सवाल खत्म नहीं होंगे : आदित्य साहू

रांची: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कांग्रेस और झामुमो पर आरोप लगाते हुए कहा है कि ये दोनों पार्टियां राज्य में छात्र आंदोलन के जवलंत मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए MMDR के मुद्दे पर राजनीति चमकाने और जनता को गुमराह करने का काम कर रही है। MMDR अधिनियम राज्य हित में है। इस अधिनियम के कारण इनकी काली कमाई पर रोक लग जाने की छटपटाहट साफ झलक रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस-झामुमो किसी मुगालते में ना रहें कि उनकी MMDR पर की जा रही बेजा राजनीति से छात्रों के सवाल खत्म हो जाएंगे। सीबीआई जांच की मांग पूरी हुए बिना यह आंदोलन खत्म होने वाला नहीं है।

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आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस झामुमो का MMDR पर आंदोलन खनिज संपदाओं को बचाने या इस पर उनकी वाजिब चिंता को लेकर नहीं है बल्कि भर्ती परीक्षाओं में धांधली के असली मास्टरमाइंड को बचाने और इस ज्वलंत मसले से ध्यान भटकाने की कवायद है। JPSC अध्यक्ष पद की बोली 70 करोड़ में लग रही है। कोई अनाड़ी भी समझ सकता है कि इतनी बड़ी राशि एवं इतनी बड़ी डील सत्ता पक्ष से जुड़ा कोई जिला व राज्य स्तर का नेता या फिर संगठन के पदाधिकारी के बूते की बात तो नहीं, इसमें सबसे बड़ी मछली कौन है, यह सबको पता है। इस जांच की आंच सत्ता के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचनी तय है। इसलिए राज्य सरकार की सांसे अटकी हुई है।

आदित्य साहू ने सीआईडी जांच और सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की सीआईडी जांच वाली कार्रवाई अखबारों की सुर्खियां से आगे क्यों नहीं बढ़ पा रही है। सरकार केवल कार्रवाई का दिखावा करने के लिए एक एक पॉइंट प्रतिदिन किसी माध्यम से लीक करवा रही है ताकि छात्रों के बीच यह भ्रम बना रहे कि राज्य सरकार की कार्रवाई जारी है। यदि सरकार भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी एवं छात्रों की मांगों को लेकर गंभीर है तो कार्रवाई के दायरे को सीमित क्यों कर दिया गया है। भर्ती परीक्षाओं से जुड़े सवालों पर स्पष्ट समयसीमा, पारदर्शी जांच और ठोस कार्रवाई क्यों नहीं दिख रही है ? क्यों सीआईडी के हाथ बड़ी मछली की गिरेबान की तरफ नहीं जा रही है?

आदित्य साहू ने कहा कि राज्य भर के छात्र और युवा लगातार भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, समयबद्ध नियुक्ति और अपने भविष्य को लेकर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार इन मूल सवालों से भाग रही है। सत्ता पक्ष द्वारा यह छात्र आंदोलन की दिशा बदलने का प्रयास है। छात्रों के भविष्य का सवाल सरकार की जवाबदेही का विषय है। सरकार अपनी जवाबदेही से भागने का प्रयास कर रही है। MMDR पर बेवजह शोर मचाने की बजाय छात्रों द्वारा भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच सहित अन्य मांगों को सरकार पूरा करे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और झामुमो पहले छात्रों के सवालों का जवाब दे, फिर MMDR पर राजनीति चमकाए।

आदित्य साहू ने कहा कि विडंबना है कि छात्र रोजगार और पारदर्शी भर्ती की मांग रहे हैं, लेकिन कांग्रेस-झामुमो की राजनीति उन्हें खनिज कानून की विषय की ओर मोड़ना चाहती है। वैसे विपक्ष का यह मुद्दा फुस्स हो गया है, क्योंकि यह मुद्दा पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है। भर्ती और परीक्षा व्यवस्था पर जवाब देने से बचने के लिए सत्ता पक्ष अब नया राजनीतिक मुद्दा खोजने में जुटा हुआ है।

आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा नौकरी और छात्रों के भविष्य का सौदा करने वाली इस सरकार के मंसूबे को कभी कामयाब नहीं होने देगी। भाजपा छात्रों को न्याय दिलाने की इस लड़ाई में पहले भी साथ खड़ी थी और आगे भी मजबूती से खड़ी रहेगी। हमारी पार्टी का प्रयास इस आंदोलन को अंतिम मुकाम तक पहुंचा कर ही रुकेगा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस-झामुमो को पहले छात्रों के सवालों का जवाब देना चाहिए और यह भी बताना चाहिए कि भर्ती व्यवस्था में सुधार को लेकर सरकार ने जो वादे किए हैं उस पर कितनी कदम आगे बढ़ी है, उस पर क्या ठोस कदम उठाए हैं।

एयर नाऊ स्पेशल

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