मुंबई: मुंबई में ऑटो-रिक्शा ड्राइवरों ने मराठी भाषा के नियम के खिलाफ 3 दिन की हड़ताल शुरू की है. ये हड़ताल सोमवार से शुरू हुई है. कई ड्राइवर इस फैसले से परेशान हैं. सरकार ने कहा है कि ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों को थोड़ी-बहुत मराठी आनी चाहिए. इसके लिए 3 महीने का समय दिया गया है. अगर इसके बाद भी मराठी नहीं आई, तो लाइसेंस सस्पेंड हो सकता है. इसी के साथ 20 अगस्त से चेकिंग भी शुरू हो गई है. अब तक हजारों ड्राइवरों की जांच हो चुकी है. ड्राइवरों का कहना है कि ये काम आसान नहीं है. खासकर बुजुर्ग ड्राइवरों के लिए. एक ड्राइवर ने कहा, हम 55-60 साल के हैं. पढ़ाई नहीं की. अब इस उम्र में नई भाषा कैसे सीखें. हमें घर भी चलाना है.
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जुर्माना बना बड़ी परेशानी
ड्राइवरों का कहना है कि उन्हें समय देने के बजाय जुर्माना लगाया जा रहा है. 15-20 हजार रुपए का फाइन देना उनके लिए मुश्किल है. कुछ लोगों को सिर्फ एक महीने का नोटिस मिला है. ड्राइवरों का कहना है कि इतने कम समय में मराठी सीखना संभव नहीं. सरकार का कहना है कि सिर्फ बेसिक मराठी सीखनी है. यानी रोजमर्रा की बात कर सकें, बस इतना काफी है.
इधर सरकार ने ये भी कहा कि जरूरत पड़ी तो और समय दिया जा सकता है. बता दें कि मुंबई में कई ड्राइवर दूसरे राज्यों से हैं. उन्हें डर है कि अगर मराठी नहीं आई, तो उनका काम छिन सकता है. फिलहाल ड्राइवर ज्यादा समय और कम जुर्माने की मांग कर रहे हैं. अब देखना है कि आगे क्या फैसला होता है.

