रांची: डीजीपी तदाशा मिश्रा ने जेएसएससी CGL परीक्षा मामले की जांच कर रही एसआईटी का विस्तार किया है. आईजी अनूप बिरथरे की अध्यक्षता वाली जांच समिति में एसपी रैंक के 3 नए आईपीएस अधिकारी पूज्य प्रकाश, निधि द्विवेदी और सौरभ को शामिल किया गया है.
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इसके अलावा CID और साइबर थाना के DSP स्तर के कई अधिकारी भी इसमें शामिल किए गए हैं. टीम में पहले से ही बतौर सदस्य डीआईजी वाई एस. रमेश और एसपी रैंक के आईपीएस एच. पी. जनार्दन मौजूद हैं यानी कुल 17 पुलिस अधिकारी अब जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में हुई गड़बड़ी मामले में जांच की परतें खोलेंगे.
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48वीं रैंक वाले का ये खुलासा
बता दें कि पिछले दिनों जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी अभय तिवारी ने सीआईडी की जांच में अपने बयान में कई बड़ा खुलासा किया था. अभय तिवारी ने जेएसेससी सीजीएल परीक्षा में 48वीं रैंक हासिल की थी. उसने कहा था कि परीक्षा का संचालन TDPL कर रही थी, जिसका मालिक पटना का मिथिलेश सिंह और पार्टनर खूंटी का उमाकांत प्रमाणिक है.
बोकारो स्थित एक क्वार्टर में राकेश सिंह और मिथिलेश सिंह की मौजूदगी में अभय तिवारी, उसके भाई अक्षय तिवारी और पत्नी सुषमा कुमारी समेत 15 से अधिक परीक्षार्थियों को परीक्षा से पहले ही उत्तर रटवाए गए थे. प्रति अभ्यर्थी 65 प्रश्नों के सही उत्तर रटवाने के एवज में 12-12 लाख रुपये की वसूली की गई थी.

