रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार शाम विशेष कैबिनेट बैठक कर जेएसएससी सीजीएल 2023 परीक्षा को रद्द करने की घोषणा की. इस घोषणा के बाद पिछले साल दिसंबर में झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर नौकरी पाने वाले लगभग 2000 अभ्यर्थियों की नौकरी एक झटके में चली गई है, हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना अब तक जारी नहीं हुई है लेकिन सीएम की घोषणा के बाद मंगलवार सुबह सचिवालय के बाहर अलग नजारा देखने को मिला, जब सीजीएल के माध्यम से नौकरी पाने वालों को सचिवालय के अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली.
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बारिश में भींगने को मजबूर कर्मी

प्रोजेक्ट भवन के बाहर मंगलवार को विभिन्न विभागों में पदस्थापित JSSC-CGL पास अभ्यर्थी खड़े थे क्योंकि सचिवालय के दरवाजे अचानक बंद कर दिए गए. सोमवार तक बतौर सचिवालय कर्मचारी अपनी सेवाएं देने वाले सैकड़ों लोगों की नौकरी एक झटके में चली गई. सड़क पर मौजूद इन अभ्यर्थियों में सरकार के जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने के फैसले को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है.
नौकरी गंवाने वालों ने रखी मांग

नौकरी गंवाने वाले छात्रों ने कहा कि सरकार की कार्रवाई बिना किसी प्रशासनिक या कानूनी समीक्षा के एकतरफा है. यदि प्रक्रिया में कोई खामी थी, तो उसकी जांच होनी चाहिए थी. सफल छात्रों से संवाद कर उनके पक्ष को जानना चाहिए था ऐसे में अभी भी सरकार से आग्रह है कि उनसे सीधा संवाद कर स्थिति स्पष्ट करें. सरकार इस एकतरफा फैसले को वापस ले और उन्हें दोबारा सेवा में बहाल करे, नहीं तो वह विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे.
फूट-फूटकर रोए कर्मी

इससे पहले अभ्यर्थी सोमवार रात को भी प्रोजेक्ट भवन के बाहर धरने पर बैठे और सरकार के फैसले के प्रति विरोध जताया. इस दौरान कई कर्मियों की आंखों में आंसू भी नजर आए. सरकार के फैसले के विरोध में दर्जनों कर्मी धरने पर भी बैठ गए. इन लोगों का दावा है कि लंबी चयन प्रक्रिया के बाद उन्हें नौकरी मिली थी, लेकिन बिना कोई कारण बताए और उनका पक्ष सुने सरकार ने जेएसएससी सीजीएल को रद्द करने की घोषणा कर उन्हें बेरोजगार कर दिया है.

