रांची : झारखंड सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने गुरुवार को अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार रांची में हो रहे छात्रों की हर जायज मांग को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क पर टकराव से नहीं, बल्कि बातचीत और मध्यस्थता से ही हर जटिल समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी झारखंड के युवाओं के इस मुद्दे को लेकर बेहद गंभीर हैं.
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दोषी को बख्शा नहीं जाएगा
वित्त मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व की मंशा बिल्कुल साफ है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पारदर्शी जांच में सरकार की तरफ से कोई रुकावट नहीं आएगी. विपक्षी दलों को सवालों के कटघरे में खड़ा करते हुए राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि जब वे खुद विपक्ष में थे, तब जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन में मुखरता से शामिल होते थे, लेकिन आज राज्य में उनकी अपनी सरकार है. लिहाजा उनकी प्राथमिकता प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान ढूंढना है.
सदन में चर्चा को तैयार सरकार
उन्होंने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि यदि उनके मन में कोई भी शंका या सवाल है, तो वे सड़क पर राजनीति करने के बजाय सदन के भीतर आएं और पूरी तार्किकता के साथ अपनी बात रखें. सरकार विपक्ष के हर एक सवाल का तथ्यों के साथ पुख्ता जवाब देने और हर शंका का समाधान करने के लिए पूरी तरह तैयार है. वित्त मंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और न्याय की प्रक्रिया में उनका पूर्ण विश्वास है. JPSC-JSSC जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सरकार किसी भी हद तक जाने को तैयार है.
कमेटी के साथ करें पारदर्शी चर्चा
वित्त मंत्री ने छात्रों से अपील की है कि वे बिना किसी हिचकिचाहट के आगे आएं और सरकार की ओर से गठित मंत्रियों की कमेटी के साथ पारदर्शी चर्चा में हिस्सा लें, ताकि गतिरोध को जल्द से जल्द खत्म किया जा सके. बता दें कि सरकार की ओर से गठित चार सदस्यीय मंत्रिमंडलीय समिति में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री संजय प्रसाद यादव, मंत्री चमरा लिंडा और मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को शामिल किया गया है. यह छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करेगी और उनकी समस्याओं की तह तक जाकर सरकार के सामने समाधान का खाका पेश करेगी.


