रांची: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र गुरूवार से शुरू हो गया. सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने के पहले विपक्षी एनडीए विधायकों ने जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की. प्रदर्शन में शामिल बीजेपी विधायकों के अलावा आजसू पार्टी के विधायक तिवारी महतो व लोजपा(रा) के विधायक जनार्दन पासवान भी शामिल हुए और इस दौरान उन्होंने हाथों में तख्तियां लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए.
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विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की नीतियों और ढुलमुल रवैये के कारण लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है.इससे पहले बुधवार शाम हो हुए एनडीए विधायक दल की बैठक में भी सरकार को चौतरफा घेरने का खाका तैयार किया गया. विपक्षी नेताओं का कहना है कि वे न केवल सदन के बाहर बैनर-पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि सदन के भीतर भी युवाओं, रोजगार और परीक्षाओं की पारदर्शिता के संवेदनशील विषयों को प्रमुखता से उठाएंगे.
बाबूलाल मरांडी ने पोस्ट में लिखा
इधर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने अपने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि जब तक अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिलता और भर्ती तंत्र में पारदर्शिता कायम नहीं होती, तब तक सरकार से तीखे सवाल पूछे जाते रहेंगे. उन्होंने लिखा, “JSSC-CGL परीक्षा की नौकरी बेचे जाने के विरोध में भाजपा ने छात्रों को न्याय दिलाने के लिए हमेशा संघर्ष किया है और लगातार सड़क से सदन तक इस मुद्दे को उठाया है। दिसंबर 2024 में विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान भी हमने सीबीआई जांच की मांग की थी…”
आगे उन्होंने लिखा, “अब तो पूरा देश झारखंड के छात्रों को न्याय दिलाने के लिए JPSC एवं JSSC परीक्षाओं में सीट बेचे जाने के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग कर रहा है और छात्रों के आंदोलन का समर्थन कर रहा है। सरकार छात्रों की आवाज़ सुने और सीबीआई जांच सुनिश्चित करे, अन्यथा छात्रों के अधिकारों की इस लड़ाई में भाजपा का संघर्ष आगे भी पूरी मजबूती से जारी रहेगा।”


