रांची : झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी में कथित अनियमितताओं के ख़िलाफ़ जारी आंदोलन का आज 13वां दिन है. संभावना है कि आज गुरूवार को छात्रों व सरकार के बीच इस आंदोलन को खत्म करने व छात्रों की मांगों पर वार्ता हो. इसके लिए छात्रों का 5 सदस्यीय एक प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए सरकार की ओर से चिह्नित स्थल पर उपस्थित होगा. इससे पहले छात्र नेता रवींद्र पासवान ने बुधवार को कहा है कि सरकार आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करना चाहती है.
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रवींद्र पासवान ने बताया, “बुधवार को हमें एसडीओ के ज़रिए सरकार का संदेश मिला कि वह हमारे प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करना चाहती है. हमें अभी अपने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का भी चयन करना था, यानी टीम के लिए सही लोगों को चुनना था. इसलिए एसडीओ को बता दिया है कि आज यह संभव नहीं है. हम प्रतिनिधिमंडल का चयन करके उन्हें गुरुवार 10 बजे तक जानकारी दे देंगे.”
रवींद्र पासवान ने कहा, “पिछले 12 दिनों से विपक्ष के नेता ख़ुद हमसे मिलने आ रहे हैं. सामान्य शिष्टाचार के तौर पर बेहतर होता कि मुख्यमंत्री कम से कम किसी मंत्री को हमसे मिलने भेजते. वे हमारा हाल-चाल पूछते और यह बताते कि वे बातचीत करना चाहते हैं. लेकिन बातचीत का संदेश एसडीओ के ज़रिए भेजा गया. फिर भी, हम इस पर विचार करेंगे और अपना पक्ष साफ़ कर देंगे.” गौरतलब है कि छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी इस मुद्दे को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं.
हालांकि छात्रों ने साफ कर दिया है कि सरकार के साथ होने वाली पूरी बैठक की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए, ताकि बातचीत पूरी तरह पारदर्शी रहे और बाद में किसी तरह का विवाद न हो। इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से प्रदर्शनकारी छात्रों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री आवास पर बातचीत के लिए बुलाने का प्रस्ताव भेजा गया था। शुरुआत में छात्रों ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री से बातचीत छात्रों के बीच ही होनी चाहिए। बाद में उन्होंने सरकार के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए दो घंटे का समय मांगा और अब बातचीत के लिए सहमति दे दी है। फिलहाल वीडियो रिकॉर्डिंग उनकी सबसे अहम शर्त बनी हुई है।


