रांची: जेपीएससी जेएसएसी परीक्षाओं में हुए धांधली की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर पिछले 12 दिनों से आंदोलनरत छात्रों के प्रदर्शन को चर्चित सामाजिक व पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का साथ मिला है. उन्होंने बुधवार को बीते चार दिनों से अनशन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से वीडियो कॉल पर बात की और अनशन खत्म करने की अपील की, जिसेक बाद देवेंद्र नाथ महतो ने पानी पीकर अनशन खत्म कर दिया. बता दें कि देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित धरनास्थल पर अनशन पर थे. मंगलवार को ही उनकी स्वास्थ्य जांच की गई थी.
Highlights:
इसे भी पढ़ें : JPSC JSSC छात्रों के आंदोलन को लेकर पूर्व सीएम रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखा पत्र, की ये मांग
छात्रों का मनोबल बढ़ाने का आग्रह

अनशन खत्म करने की घोषणा को लेकर देवेंद्र नाथ महतो ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “देश के प्रख्यात इनोवेटर श्री सोनम वांगचुक सर से वीडियो कॉल से सीधे संवाद करने का अवसर। उन्होंने हमारे आंदोलन के प्रति अपना बहुमूल्य मार्गदर्शन, प्रेरणादायी विचार एवं हौसला प्रदान किया। उनके आग्रह पर हमने जल ग्रहण किया। साथ ही, उनसे रांची आकर आंदोलनरत छात्रों का मनोबल बढ़ाने का विनम्र आग्रह भी किया। हमारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल व सत्याग्रह आंदोलन अपने संकल्प के साथ निरंतर जारी है।”
हम लोग जीतेंगे
इससे पहले देवेंद्र नाथ महतो ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा था, “जेपीएससी-जेएसएससी में भारी अनियमितता, प्रत्यक्ष धांधली के खिलाफ आज (बुधवार) सत्याग्रह धरना का 12वाँ दिन तथा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का चौथा दिन जारी है… शरीर के कई अंग प्रभावित हुए हैं। फिर भी आप सबों के स्नेह, आशीर्वाद व समर्थन से हम लोग अडिग हैं। हम लोग जीतेंगे।”
कांग्रेस के प्रतिनिधि मिलेंगे
इधर प्रदर्शन कर रहे छात्र जीवन कुमार ने कहा कि आज विरोध प्रदर्शन का 12वां दिन है. कांग्रेस के राज्य स्तरीय नेता और पार्टी के छात्र संगठन के राष्ट्रीय नेता हमारे आंदोलन का समर्थन करने के लिए यहां आ सकते हैं. आज बाद में होने वाली कोर कमेटी की बैठक में हम ‘तिरंगा मार्च’ के बारे में चर्चा करेंगे. हमारे पांच साथी कल शाम से भूख हड़ताल पर हैं. 10 अगस्त को, जब विधानसभा का सत्र चल रहा होगा, तब पूरे झारखंड के लोग विधानसभा का घेराव करेंगे.
छात्रों की ये हैं प्रमुख मांगें
बता दें झारखंड में 14वीं जेपीएससी पीटी समेत अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ी मामले को लेकर छात्रों का आंदोलन पिछले महीने 25 जुलाई से जारी है. छात्रों की मांग है कि जेपीएससी व जेएसएससी सीजीएल परीक्षा और अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की जांच सीबीआई और ईडी से कराई जाए. 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा को रद्द किया जाए. छात्र टीडीपीएल (मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड) की भूमिका पर भी सवाल उठा रहे हैं. उनका दावा है कि यह परीक्षा संचालन एजेंसी अन्य राज्यों में ब्लैकलिस्ट होने के बावजूद झारखंड में परीक्षाएं कराती रही.


