Wednesday, August 5, 2026

नेमरा में दिशोम गुरू शिबू सोरेन की प्रतिमा का अनावरण, मिली 105.2 करोड़ रुपए की योजनाओं की भी सौगात

रांची: आज का दिन विशेष रूप से मेरे एवं मेरे पूरे परिवार के लिए, अत्यंत भावुक और भारी दिन है, लेकिन यह पीड़ा केवल हमारे परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे झारखंड प्रदेश के साथ-साथ देश के समस्त आदिवासी, दलित, शोषित और पिछड़े समाज के लिए यह अत्यंत दुःखद और भावुक कर देने वाला क्षण है। ​पिछले वर्ष आज ही के दिन आदरणीय बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी ने अंतिम सांस ली थी और पंचतत्व में विलीन हुए थे। इस सृष्टि का यही शाश्वत सत्य है कि जिसने इस धरा पर जन्म लिया है, उसे कालचक्र के विधान अनुसार एक दिन प्रकृति में लीन होना ही पड़ता है। आदरणीय गुरुजी ने भी उसी कालचक्र को पूरा किया।

HO3z82IacAEYCmo

कभी-कभी कुछ घटनाओं और समय के चक्र के कारण हमारे प्रिय लोग हमारे बीच से बिछड़ जाते हैं। ​आज हम सबने लुकैयाटांड़ (बरलंगा) स्थित सोना-सोबरन विद्यालय परिसर में आदरणीय गुरुजी की एक भव्य प्रतिमा का अनावरण किया है।

इस प्रतिमा की स्थापना का उद्देश्य यही है कि हम और हमारी आने वाली पीढ़ियाँ अपने इतिहास और जड़ों को कभी न भूलें। उक्त बातें मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कही। वे आज रामगढ़ जिला स्थित लुकैयाटांड़, नेमरा में आयोजित झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री व पद्म भूषण से सम्मानित दिशोम गुरु स्मृति शेष-स्व० शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा का अनावरण एवं विकास मेला-सह-पारितोषिक वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।

इसे भी पढ़ें : चतरा के टंडवा में अपहरण-दुष्कर्म की घटना के बाद भड़का गांव, भीड़ ने आरोपी को पीट-पीटकर मार डाला

शहीदों के आदर्शों से प्रेरणा

HO3z7CSaIAEztiQ

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी के पहले और आजादी के बाद भी जिस प्रकार का शोषण हमारे समाज ने झेला और उस शोषण के विरुद्ध जिस निडरता से हमारे पूर्वजों ने लड़ाई लड़ी—उस संघर्ष से सीख लेना हमारा कर्तव्य है। उ्होंने कहा कि ​हमारे दादा जी अमर शहीद स्व० सोबरन मांझी जी ने भी समाज के उत्थान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज एक तरफ जहाँ हम चाँद पर पहुँचने के सपने को पूरा कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ शहरों से लेकर दूर-दराज़ के गाँवों और कस्बों तक ऐसी असामाजिक ताकतें लगातार पनप रही हैं। ये ताकतें हमारे सीधे-सादे आम नागरिकों—चाहे वे बुजुर्ग हों, महिलाएँ हों या नौजवान हों—उन्हें गुमराह करने और निशाना बनाने का काम करती है। मुझे लगता है कि इस समस्या का एक ही स्थायी समाधान है—हमारी अटूट एकजुटता और एक-दूसरे के प्रति आपसी सम्मान। जब तक हम आपस में सम्मान और भाईचारे का भाव नहीं रखेंगे, तब तक हम छोटी-छोटी बातों पर आपस में लड़ते रहेंगे। इसलिए आपसी भाईचारे का भाव और मानवीय भावना जागृत करनी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ​आज का दौर नई युवा पीढ़ी का दौर है। हमारी युवा पीढ़ी बड़ी ऊर्जा और ताकत के साथ आगे बढ़ रही है, लेकिन इस ताकत के साथ जहाँ अच्छाइयाँ और अपार संभावनाएँ हैं। हम सबकी ज़िम्मेदारी है कि हम अपनी नई पीढ़ी को सही मार्ग पर बनाए रखें, ताकि वे भटकाव के रास्ते से कोसो दूर रहें। उन्होंने कहा कि ​आज आदरणीय “गुरुजी” के विचार और आदर्श केवल उनकी जन्मस्थली, पंचायत या गाँव तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राज्यभर व देश में आज उन्हें बड़े आदर और श्रद्धा के साथ याद किया जा रहा है।

दिशोम गुरु ने सपने को साकार किया

HO3hKOabAAA2IXN

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि​ बारिश का मौसम होने के बावजूद आज पूरे राज्यभर में आदरणीय गुरुजी की याद में लोग स्वतःस्फूर्त एकत्रित हो रहे हैं। राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर हर जिले में समाज के लोग एकजुट हो रहे हैं। आदरणीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी ने अपने आंदोलन के माध्यम से न केवल झारखंड को एक विशिष्ट पहचान दी, बल्कि एक महान जननायक के रूप में अमूल्य योगदान दिया।

वे राजनीति की पारंपरिक सीमाओं से बहुत आगे निकल चुके थे—एक ऐसा व्यक्तित्व जिसके समक्ष पद, नेता, विधायक और मंत्री सब फीके पड़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि ​गुरुजी जैसे वीर सपूतों ने अपने खून-पसीने से सींचकर हमें यह अलग राज्य बनाकर दिया है, लेकिन आज इस राज्य को सजाने और संवारने की एक भारी-भरकम ज़िम्मेदारी हम सबके कंधों पर है।

एक ज़िम्मेदार सरकार होने के नाते हमारा यह निरंतर प्रयास है कि राज्य के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की आवाज़ और सुविधाएँ पहुँचे और आपकी आवाज़ सीधी सरकार तक आए। हम सब मिलकर राज्य के उज्ज्वल भविष्य के लिए क्या बेहतर हो सकता है, इसका मार्ग प्रशस्त करें।

सीएम ने बताया क्यों लुकैयाटांड में

WhatsApp Image 2026 08 04 at 15.01.25 2

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि ​पूर्व में हम सब इस लुकैयाटांड़ में अमर शहीद सोबरन मांझी जी की याद में एकत्रित होते रहे हैं। अब आदरणीय गुरुजी के सम्मान में भी हम सब यहाँ निरंतर जुटेंगे। हमारा पैतृक गाँव नेमरा यहाँ से बिल्कुल समीप ही है, जहाँ आदरणीय गुरुजी का जन्म हुआ था।

चूँकि इतने सारे लोगों को उस छोटे से गाँव में समायोजित करना कठिन था, इसीलिए आप सबों के लिए इस स्थल को चिह्नित किया गया, ताकि आने वाले समय में हम बड़ी-से-बड़ी संख्या में यहाँ एकत्रित होकर अपने महान नायकों को याद कर सकें और उनकी प्रेरणा को आगे बढ़ाने का संकल्प ले सकें।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि ​आज का दिन औपचारिक भाषण देने का नहीं है। आज प्रथम पुण्यतिथि पर मूर्ति के अनावरण के साथ-साथ ऐसे महान आत्माओं की याद को अपने दिल और आत्मा के अंदर बसाने का दिन है। भले ही वे शारीरिक रूप से आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका दिखाया संघर्ष और मार्ग आज भी हम सबों के सामने स्पष्ट दिखाई देता है।

झारखंड वीरों की पावन भूमि

HO3z9nQbsAAfQoW

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड की इस पावन धरा पर धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, निर्मल महतो, विनोद बिहारी महतो और आदरणीय गुरुजी जैसे अनगिनत महापुरुषों का जन्म हुआ। इन महापुरुषों के त्याग के कारण ही झारखंड एक राज्य के साथ-साथ वीरों की पावन भूमि के रूप में स्थापित है। इसके हर कोने में कोई न कोई वीर सपूत दिखाई और उनका प्रेरणादायक संदेश सुनाई देगा।

हम सब उन महान वीर पुरुषों के वंशज और सपूत हैं। वीरों की इस धरती पर हम सभी वीर हैं, और यह वीरता की लड़ाई हमें आपस में नहीं, बल्कि अपने दुश्मनों से लड़नी है। उन्होंने कहा कि हमें अपने राज्य के इतिहास को कभी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। ​उन्होंने विपरीत परिस्थिति में दिशोम गुरू के प्रथम पुण्यतिथि पर यहां पधारने वाले सभी व्यक्तियों के प्रति आभार जताया और ​धन्यवाद! तथा जोहार! कहा।

ये रहे मौजूद

प्रथम पुण्यतिथि पर राज्य के मंत्री राधा कृष्ण किशोर, मंत्री संजय प्रसाद यादव, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री योगेंद्र प्रसाद, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, सांसद राज्यसभा महुआ माजी, विधायक उमाकांत रजक, विधायक कुमार जयमंगल सिंह, विधायक अमित महतो, विधायक ममता देवी, पूर्व मंत्री बेबी देवी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार सहित राज्य सरकार के वरीय अधिकारीगण, विशिष्ट अतिथिगण सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

Big Breaking News: एक करोड़ का इनामी नक्सली मिशिर...

रांची: झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है. प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य और...
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर