नई दिल्ली: राज्यसभा में केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने एंटी पेपर लीक बिल पेश कर दिया है. इस बिल पर सात घंटे तक चर्चा होगी. जितेंद्र सिंह ने कहा कि विपक्ष के सुझावों का स्वागत है. कांग्रेस सरकारों में कई बार पेपर लीक हुए. उन्होंने कहा कि छात्रों के मुद्दे पर पीएम मोदी गंभीर हैं. पेपर लीक पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस की सरकारों के कार्यकाल में हुए पेपर लीक के पुराने मामलों का जिक्र किया। इसमें उन्होंने झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन के पेपर लीक मामले का भी जिक्र किया.
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टाइमलाइन एनुअल कैलेंडर की मांग
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि इस संशोधन बिल का हम स्वागत करते हैं, लेकिन ये अभी भी अधूरा है. पेपर लीक होने से रोकने की मजबूत व्यवस्था इसमें नहीं है. ज्यादा जुर्माना, कड़ी सजा, STF, फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे प्रावधान रखे हैं. इससे कुछ फर्क पड़ने वाला नहीं है. उन्होंने टाइमलाइन एनुअल कैलेंडर बनाने की मांग की. उन्होंने कहा कि स्टूडेंट का भविष्य अनिश्चितता में न पड़े. इसके लिए सख्त कदम उठाने चाहिए.
उन्होंने कहा कि 2 साल के बाद आप जो काम कर रहे हैं, उसे 2024 में ही क्यों नहीं किया. क्योंकि तब आपको राजनीति करनी थी. चुनाव सामने थे, राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा में ये सब मुद्दे उठा रहे थे क्रेडिट के लिए आपने उन सबको छोड़ दिया. खरगे ने कहा, ‘बच्चों पर पेलेट गन चला रहे हैं, ये सब वीडियो देखकर हमको शर्म आई, उनको शर्म आई कि नहीं, ये मुझे नहीं मालूम. इतने छात्र घायल हुए हैं, उसके जिम्मेदार गृहमंत्री अमित शाह हैं. आप बहुत दिनों तक छिप नहीं सकते हैं, हम आपको खींचकर बाहर लाएंगे.’
गृह मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि लाठीचार्ज कराने के लिए, आंसू गैस के लिए, पेलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया. ये मैं सरकार से पूछना चाहता हूं. आप होम मिनिस्टर की हिफाजत करना चाहते हैं, लेकिन बहुत दिन तक नहीं कर सकते हैं. उन्होंने पूछा कि सादे कपड़े में छात्रों को पीटने वाले लोग कौन हैं. इसके सूत्रधार कौन थे. उन्होंने पूछा कि अगर अमित शाह इन सबके जवाब नहीं दे सकते हैं तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए. प्रधानमंत्री को उनको पूछना चाहिए.
मनुस्मृति पर टिप्पणी पर हंगामा
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मनुस्मृति को लेकर सदन में ऐसा कुछ कह दिया, जिसपर हंगामा मच गया. सभापति ने खरगे को टोका और कहा कि मनुस्मृति का पेपर लीक बिल से क्या लेना-देना है. बीजेपी ने खरगे की टिप्पणी पर आपत्ति जताई. खरगे के बयान पर सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि खरगे के बयान से अशांति फैलेगी. खरगे की टिप्पणी तथ्यों से परे है.
इससे पहले खरगे ने कहा था कि नए सिलेबस में मनुस्मृति की चीजें डाली जा रही हैं. खरगे ने मनुस्मृति का जिक्र करते हुए कहा कि वेद का उच्चारण करने पर जीभ काटने तक की बात कही गई है. वेद मंत्र धारण करने पर शरीर काटने तक की बात कही गई है. ये सब मनुस्मृति में लिखा हुआ है. खरगे के इतना बोलते ही सदन में हंगामा मच गया.


