पटना: बिहार में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर मतदान सुबह 7 बजे से शुरू हो गया। लगभग 3.80 लाख मतदाता 25 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। इनमें 2,00,060 पुरुष, 1,79,533 महिलाएं और 23 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल. मतदान के लिए 422 केंद्र बनाए गए, जिनमें 247 सरकारी और 175 निजी भवनों में बनाए गए हैं. इस सीट पर मुख्य मुकाबला एनडीए से भाजपा के नीरज सिन्हा, महागठबंधन से राजद प्रत्याशी रेखा गुप्ता और जन सुराज के प्रशांत किशोर के बीच मानी जा रही है।
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किदवईपुरी में भिड़े समर्थक
इधर मिली जानकारी के अनुसार किदवईपुरी में भाजपा और जनसुराज के समर्थक भिड़ गए हैं। जनसुराज पार्टी किदवईपुरी स्थित बूथ संख्या 101, 102 और 103 पर मतदान के दौरान अभिषेक कुमार बंटी (पूर्व प्रत्याशी) पर कुछ लोगों के साथ दबंगई दिखाने का आरोप लगाया. इस दौरान मौके पर अतिरिक्त कार्यकर्ताओं की आवश्यकता होने की बात भी कही गई. वहीं भाजपा ने जनसुराज पार्टी पर फर्जी मतदाता लाने का आरोप लगाया हालांकि जनसुराज पार्टी ने कहा कि भाजपा का आरोप बेबुनियाद है।
जदयू का दावा, 100 % जीत पक्की
जदयू नेता राजीव रंजन ने कहा कि, “बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में BJP और NDA के पक्ष में लहर है। अभी कुछ ही समय पहले NDA ने बिहार में 200 से ज़्यादा सीटें जीती थी। नितिन नवीन इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, और BJP ने इस इलाके को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने का सम्मान दिया है… लोगों से बड़े पैमाने पर संपर्क करने से पता चला है कि जनता पूरी तरह से NDA के साथ है। नीरज कुमार सिन्हा की जीत पक्की है।”
भाजपा ने लिखा पत्र
इधर जारी मतदान के बीच बीजेपी बिहार के राज्य महासचिव नितिन अभिषेक ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए रिटर्निंग ऑफिसर को पत्र लिखकर मतदाताओं के वेरिफिकेशन (EPIC ID और नाम का मिलान) को सख्ती से लागू करने की मांग की है।
अपने पत्र में नितिन अभिषेक लिखा है, “हमारे ध्यान में आया है कि जन सुराज पार्टी से जुड़े प्रतिनिधि और कार्यकर्ता फर्जी वोट डालकर मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसी हरकतें लोकतंत्र के बुनियादी सिद्धांतों को कमजोर करती हैं और स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने की हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता के खिलाफ हैं। चुनाव में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने और मतदान प्रक्रिया को सुरक्षित रखने के लिए, हम चुनाव आयोग और मतदान अधिकारियों से पुरजोर मांग करते हैं कि वे वेरिफिकेशन नियमों को सख्ती से लागू करें। खास तौर पर, हर मतदाता के लिए अपना असली इलेक्टोरल फोटो आइडेंटिटी कार्ड (EPIC ID) दिखाना और वोट डालने से पहले आधिकारिक वोटर लिस्ट से अपनी पहचान का बारीकी से मिलान करवाना अनिवार्य किया जाना चाहिए…”


