रांची : पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी एसपी, एसएसपी व अन्य वरीय पुलिस अधिकारियों को अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि 28 जुलाई से शुरू हुए नक्सलियों के शहीद सप्ताह को देखते हुए पूरे राज्य में विशेष सतर्कता बरती जाए क्योंकि नक्सली शहीद सप्ताह के दौरान सुरक्षा बलों, विशेष पुलिस अधिकारियों और पुलिस समर्थकों को निशाना बना सकते हैं. जारी निर्देश में कहा गया है कि शहीद सप्ताह के दौरान नक्सली रेलवे संपत्तियों, सरकारी एवं गैर-सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकते हैं. ऐसे में संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर सुरक्षा बढ़ाया जाए.
Highlights:
इसे भी पढ़ें : झारखंड में इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग, ट्रेनिंग एंड रिसर्च की स्थापना को लेकर परिवहन विभाग एवं टाटा मोटर्स लिमिटेड के बीच एमओयू
इन संवेदनशील जगहों की सुरक्षा
सुरक्षा बलों के कैंप, पुलिस थाना, पिकेट और सीआरपीएफ कैंप, ब्लॉक, अंचल कार्यालय, अनुमंडल एवं जिला स्तरीय कार्यालय, बैंक, वित्तीय संस्थान, वन विभाग के कार्यालय और गोदाम, दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित मोबाइल टावर, कोल साइडिंग, कोल डंप, खनन स्थल और माइनिंग क्षेत्र, मुख्य रेलवे लाइन, रेलवे स्टेशन, पुल-पुलिया, राज्य एवं राष्ट्रीय राजमार्ग तथा हाट-बाजार, सुरक्षा बल, विशेष पुलिस अधिकारी और पुलिस समर्थक.
लैंड माइंस से बचने की सलाह
शहीद सप्ताह के दौरान नक्सलियों की किसी भी साजिश को विफल करने के लिए राज्यभर में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. पुलिस मुख्यालय ने आगाह किया है कि पूर्व में नक्सलियों ने छोटी घटनाओं के जरिए पुलिस को मौके पर बुलाकर रास्तों में लैंड माइंस बिछाकर या एम्बुश लगाकर हमला किया है. इसलिए किसी भी घटना की सूचना मिलने पर पहले उसकी पूरी तरह पुष्टि करने और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया है.
पुलिस मुख्यालय के प्रमुख निर्देश
- सभी संवेदनशील पुलिस पोस्ट, पिकेट और सुरक्षा प्रतिष्ठानों को हाई अलर्ट पर रखा जाए तथा वहां जाने वाले मार्गों को पहले सैनिटाइज किया जाए.
- सुरक्षा बलों की आवाजाही केवल अभियान के उद्देश्य से हो. बिना आवश्यकता जवानों का लूज मूवमेंट पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.
- जमीनी स्तर पर खुफिया तंत्र को मजबूत किया जाए तथा एसपीओ से जुड़े संभावित खतरों का आकलन कर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
- रेलवे ट्रैक और संवेदनशील रेल मार्गों की सुरक्षा के लिए आरपीएफ और रेलवे अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए. साथ ही प्रमुख राजमार्गों पर भी विशेष सुरक्षा योजना लागू की जाए.
- सड़क, पुल और भवन निर्माण में लगे वाहनों एवं मशीनों को सुरक्षित स्थानों पर रखा जाए.
- अभियान के दौरान और वापसी के समय विशेष सतर्कता बरती जाए, क्योंकि नक्सली सादे कपड़ों में छोटी टुकड़ियों के रूप में या धारदार हथियारों से भी हमला कर सकते हैं.
- सीआरपीएफ, एसएसबी, झारखंड जगुआर, सैप, आईआरबी और जिला पुलिस बल के बीच बेहतर समन्वय बनाकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए.
- सभी थानों और सुरक्षा कैंपों में तैनात अधिकारियों और जवानों को संभावित नक्सली गतिविधियों और सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी जाए.


