Thursday, October 29, 2026

सोनम वांगचुक को लेकर सीएमपीडीआई गेट पर सीटू का विरोध प्रदर्शन, कहा -दिल्ली पुलिस की कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला

रांची – दिल्ली में जंतर मंतर पर 20 दिनों से अनशनरत सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी और आंदोलनकारी छात्र युवाओं पर दिल्ली पुलिस की बर्बरता के खिलाफ के खिलाफ और शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सेन्टर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) ने कांके रोड स्थित सीएमपीडीआई गेट के सामने विरोध प्रदर्शन किया. CITU के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ सीटू की अखिल भारतीय कार्यकारिणी समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदीप दत्ता और महासचिव एलामरम करीम के साथ सभी कार्यकारिणी सदस्य भी शामिल शामिल थे.

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सीटू नेताओं ने जलवायु कार्यकर्ता एवं शिक्षाविद श्री सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का कड़ी निंदा करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा की मांग को लेकर पिछले 20 दिनों से नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। केन्द्र सरकार द्वारा उनकी मांगों पर विचार करने और वार्ता करने के बजाय आज सुबह मोदी सरकार की तानाशाही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. साथ आंदोलन में शामिल छात्रों पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया गया है. जो लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है.

वांगचुक का स्वास्थ्य गंभीर रूप से बिगड़ गया है। उनका लगभग 9 किलोग्राम वजन कम हो चुका है और उनके रक्त में शर्करा (ब्लड शुगर) का स्तर लगातार गिर रहा है। कार्यसमिति उनके स्वास्थ्य के प्रति भाजपा सरकार की असंवेदनशीलता और देश के करोड़ों विद्यार्थियों के जीवन एवं भविष्य से जुड़े गंभीर प्रश्नों की लगातार अनदेखी की कड़ी निंदा करती है।

इस आंदोलन को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के साथ साथ अनेक वामपंथी छात्र एवं युवा संगठनों का समर्थन प्राप्त है। यह आंदोलन राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) में व्याप्त संरचनात्मक भ्रष्टाचार और उसकी लगातार विफलताओं के खिलाफ है। नीट प्रश्नपत्र लीक तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं वर्तमान शासन के तहत परीक्षा एवं भर्ती प्रणाली के लगातार पतन का प्रतीक बन चुकी हैं। बढ़ती बेरोजगारी के दौर में इन घोटालों ने लाखों विद्यार्थियों और नौकरी के अभ्यर्थियों के सपनों को तोड़ा है तथा युवाओं के बीच व्यापक अविश्वास और असंतोष पैदा किया है।

इस संकट का जड़ जनविरोधी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में निहित है। यह नीति शिक्षा के व्यावसायीकरण, केंद्रीकरण और निजीकरण को बढ़ावा देती है, सार्वजनिक निवेश को कम करती है तथा कोचिंग माफियाओं और मुनाफाखोरी के लिए नए अवसर पैदा करती है। यह गरीब एवं वंचित तबकों के विद्यार्थियों को शिक्षा से बाहर धकेलती है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को देश की विशाल आबादी की पहुंच से दूर करती है। आंदोलन के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए और वांगचुक की गिरफ्तारी के खिलाफ सीटू ने 20 जुलाई को देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया है.

प्रदर्शन में सीटू के राज्य महासचिव विश्वजीत देव, कोल फेडरेशन के महासचिव डी डी रामानंदन, एनसीईओए के महासचिव आर पी सिहं, प्रकाश विप्लव, संजय पासवान सीटू के जिला सचिव प्रतीक मिश्रा, किसान नेता सुफल महतो, आदिवासी मंच के प्रफुल्ल लिंडा, सुखनाथ लोहरा, एडवा नेत्री वीणा लिंडा सहित सैकड़ों की संख्या में सीटू नेता व कार्यकर्ता शामिल थे.

एयर नाऊ स्पेशल

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