Tuesday, July 21, 2026

गुमला में समय पर किशोरी को न तो ऑक्सीजन मिला और न ही एंबुलेंस, पिकअप वैन में इलाज के अभाव में हुई मौत

गुमला :  झारखंड के गुमला जिला के चैनपुर प्रखंड से बुधवार को उस समय एक दर्दनाक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं की शर्मनाक तस्वीर सामने आई, जब चैनपुर के प्रेमनगर निवासी 14 वर्षीय शिवानी कुमारी बेहोशी की हालत में परिजनों द्वारा लाई गई. लेकिन अस्पताल प्रबंधन की संवेदनहीनता और खस्ताहाल व्यवस्था के कारण परिजनों को उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल गुमला ले जाने के लिए एक निजी पिकअप वैन का सहारा लेना पड़ा.

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3 घंटे तक बेहोश रही किशोरी

परिजनों का आरोप है कि शिवानी तीन घंटे तक अस्पताल परिसर में बेहोश पड़ी रही. लेकिन इस दौरान न तो कोई डॉक्टर उसे देखने आया और न ही उसे ले जाने के लिए कोई एंबुलेंस ही मिली. अस्पताल परिसर में सरकारी एंबुलेंस खड़ी तो थी, लेकिन वह पूरी तरह खराब थी. इस घटना से संबंधित एक वायरल वीडियो में साफ दिखा कि आधा दर्जन से अधिक लोग एंबुलेंस को स्टार्ट करने के लिए पीछे से धक्का लगा रहे थे. काफी मशक्कत के बाद भी गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई.

स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन नहीं 

परिजनों ने दावा किया कि बच्ची की नाजुक हालत को देखते हुए जब उन्होंने ऑक्सीजन की मांग की, तो स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन तक उपलब्ध नहीं कराया गया. तीन घंटे के बाद भी जब स्वास्थ्य केंद्र में उन्हें कोई मदद नहीं मिली तो और कोई और विकल्प न बचता देख, परिजनों ने आनन-फानन में एक निजी पिकअप वैन के जरिए उसे पहले गुमला और उसके बाद रांची ले जाने के लिए निकले.

परिजनों के अनुसार उसे लेकर जब वह गुमला सदर अस्पताल पहुंचे, तो बच्ची की नाजुक हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे रांची रेफर कर दिया. माता-पिता अपनी बच्ची को बचाने के लिए उसे लेकर रांची के लिए निकले थे कि महज कुछ किलोमीटर दूर ही रास्ते में गाड़ी में बच्ची ने अपनी जान गंवा दी. परिजनों ने आरोप लगाया कि समय पर यदि इलाज और एंबुलेंस की सुविधा मिलती तो उनकी बच्ची की जान बच सकती थी.

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