Monday, July 6, 2026

“झारखंड में खिलाड़ी सब्जी बेचते न दिखें”- CM हेमंत सोरेन; विभागीय समीक्षा बैठक में दिए और भी बड़े निर्देश…

रांची: झारखंड में पर्यटन, खेल और कला-संस्कृति के क्षेत्र में आने वाले समय में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को हरी झंडी दिखाई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों और चालू वित्तीय वर्ष की प्राथमिकताओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य की नई पर्यटन नीति तैयार करने का निर्देश दिया है।

इस उच्च स्तरीय बैठक में पर्यटन एवं खेल विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार के साथ राज्य के मुख्य सचिव और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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कोल माइंस बनेंगे टूरिस्ट स्पॉट, नेतरहाट में बनेगा ग्लास ब्रिज

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य के भीतर स्थित अंडरग्राउंड कोल माइंस को चिन्हित कर वहां टूरिज्म की संभावनाओं पर एक विशेष कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता को दुनिया के सामने लाने के लिए निम्नलिखित बड़े फैसले लिए गए हैं:

  • इको टूरिज्म सर्किट: सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, लातेहार, हजारीबाग और रांची जैसे जिलों में जहां भी इको टूरिज्म की संभावनाएं हैं, उन्हें तेजी से विकसित किया जाएगा।

  • नेतरहाट और लोध फॉल का कायाकल्प: लातेहार के प्रसिद्ध नेतरहाट में ग्लास वॉच टावर या ग्लास ब्रिज बनाने की योजना है। इसके साथ ही वहां कोयल व्यू पॉइंट कॉटेज, ट्रैकिंग सुविधाएं और स्विमिंग पूल विकसित किए जाएंगे, जबकि लोध फॉल में इको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा।

  • पतरातू घाटी में रोपवे: पतरातू की खूबसूरत घाटी में ‘पतरातू व्यू पॉइंट’ के काम में तेजी लाने और वहां पर्यटकों के लिए रोपवे स्थापित करने का प्लान तैयार करने को कहा गया है।

  • पर्यटन से रोजगार: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पर्यटन परियोजनाओं को समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए क्योंकि इनके विकास से न केवल राज्य की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

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“खिलाड़ी सब्जी बेचते न दिखें” – सीएम

खेलकूद विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि, “राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने वाले किसी भी खिलाड़ी द्वारा आर्थिक तंगी के कारण सब्जी बेचने या कोई अन्य छोटा कार्य करने संबंधी शिकायत नहीं आनी चाहिए।”

खेल क्षेत्र के लिए प्रमुख निर्देश:

  • खिलाड़ियों का डेटाबेस और प्रोत्साहन: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के खिलाड़ियों का एक मजबूत डेटाबेस तैयार कर उन्हें समय पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

  • स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी: झारखंड में एक अत्याधुनिक स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है।

  • एक्सपोजर विजिट: राज्य के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के प्रदर्शन में निखार लाने के लिए उन्हें दूसरे राज्यों की उत्कृष्ट खेल अकादमियों और खेल संस्थाओं में भ्रमण कराया जाएगा।

12 हजार कलाकारों का हुआ निबंधन, तैयार हो रहा डेटाबेस

झारखंड की समृद्ध कला और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच देने के लिए कला-संस्कृति विभाग ने बताया कि राज्य में अब तक करीब 12 हजार कलाकारों का निबंधन किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने इन सभी निबंधित कलाकारों की सूची जिलों में भेजकर उनके भौतिक सत्यापन का निर्देश दिया है।

इसके साथ ही, देश के अन्य राज्यों के स्कूल ऑफ फाइन आर्ट प्रबंधन से तालमेल बिठाकर झारखंड के कलाकारों को दूसरे राज्यों में भेजने और वहां के कलाकारों को झारखंड आमंत्रित करने की योजना है, जिससे ललित कला और साहित्य कला का समग्र विकास हो सके।

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