रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। राजधानी रांची के खेलगांव में आयोजित एक भव्य राज्य-स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 1,042 नवचयनित इंटर और स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों ( शिक्षकों ) को अपने हाथों से जॉइनिंग लेटर सौंपे। इस मौके पर नियुक्त शिक्षकों के चेहरों पर खुशी की लहर साफ देखी जा सकती थी।
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इस खास अवसर पर राज्य के शिक्षा स्तर को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री ने सीपीडी ( CPD – Continuous Professional Development ) कार्यक्रम 2026 का भी उद्घाटन किया। साथ ही सीएम सोरेन ने सभी नवनियुक्त शिक्षकों के साथ सामूहिक फोटो भी खिंचवाया।
“सरकारी स्कूलों पर उंगलियां उठती हैं, अब जवाब देने की बारी आपकी है” – सीएम सोरेन
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भावुक और गंभीर नजर आए। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र पाने वाले सभी सहायक आचार्य अपने परिवारों के साथ आए हैं, जो इस राज्य के उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत है।
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सीएम ने शिक्षकों को उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराते हुए कहा: “सरकारी संस्थानों पर हमेशा बहुत उंगलियां उठती हैं- कुछ सही होती हैं और कुछ गलत। साढ़े तीन करोड़ जनता, यहाँ की हवा-पानी से लेकर विधि-व्यवस्था तक की जिम्मेदारी सरकार की होती है। लेकिन अगर हम सभी एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में व्यवहार करें और अपना सिविक सेंस मजबूत कर लें, तो कोई भी सरकार पर गलत उंगली नहीं उठा सकता।”
CM School of Excellence की सफलता का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने विपक्ष और अपनी राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि आज अपने स्वार्थ के लिए विकृत विचारधारा के लोग समाज में आग लगाने में जुटे हैं, जिससे हमें बचना होगा। उन्होंने आगे कहा:
“पहले लोग सरकारी स्कूलों की आलोचना करते थे, लेकिन हमारी सरकार ने सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस खोला। आज स्थिति यह है कि इन स्कूलों में एडमिशन के लिए 50 हजार से भी अधिक आवेदन आ रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि उनके पिछले और वर्तमान कार्यकाल को मिलाकर अब तक 55 हजार से भी अधिक पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवनियुक्त विज्ञान शिक्षकों की बदौलत सरकारी स्कूलों के बच्चे भी अब इंजीनियर और डॉक्टर बनने का सपना पूरा कर सकेंगे।
वित्त मंत्री बोले: ‘हेमंत सोरेन पूरा कर रहे हैं अलग झारखंड का सपना’
मंच पर मौजूद राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस सपने के साथ झारखंड अलग राज्य का गठन हुआ था, उसे पूर्व की कोई भी सरकार पूरा नहीं कर सकी, लेकिन हेमंत सोरेन इस सपने को सच कर रहे हैं।
वित्त मंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के सामने बेरोजगार युवा सबसे बड़ी चुनौती थे, जिसे दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने साल 2020 से अब तक 38,903 भर्तियां की हैं। उन्होंने नए शिक्षकों को चुनौती देते हुए कहा कि छात्रों को बेबाक होकर सवाल पूछने की आजादी देना और उन्हें भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करना अब उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
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शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए CPD कार्यक्रम 2026 लॉन्च
शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देने के साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सीपीडी (CPD) कार्यक्रम 2026 का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य झारखंड के प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर शिक्षण की गुणवत्ता को वैश्विक मानकों के अनुरूप बढ़ाना है।
इस गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान मंच पर राज्यसभा सांसद महुआ माजी और झारखंड के मुख्य सचिव भी उपस्थित रहे, जिन्होंने नए शिक्षकों को उनके नए सफर के लिए शुभकामनाएं दीं।
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