Sunday, June 21, 2026

जंगल में चली गोली, पुलिस के हाथ लगी ‘रेड डायरी’, लाल डायरी में दफन हैं कई बड़े राज!

खूंटी: तिलमी जंगल की खामोशी रविवार सुबह अचानक गोलियों की गूंज से टूट गई। हथियारों का जखीरा बरामद कराने पुलिस के साथ पहुंचा पीएलएफआई का हार्डकोर कमांडर श्रवण दास अचानक बागी तेवर में आ गया। उसने पल भर में एक पुलिस अधिकारी का हथियार छीना और घने जंगल की ओर दौड़ पड़ा। कुछ सेकंड में हालात बदल चुके थे। सामने हथियारबंद उग्रवादी, पीछे पीछा करती पुलिस और बीच जंगल में सांसें रोक देने वाला घटनाक्रम। चेतावनी के बावजूद जब वह नहीं रुका तो जवानों ने जवाबी कार्रवाई की। गोली उसके पैर में लगी और भागने का दुस्साहस वहीं खत्म हो गया।

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लाल डायरी में दफ़न कई राज

लेकिन इस मुठभेड़ से भी बड़ा सवाल उस ‘लाल डायरी’ को लेकर खड़ा हो गया है, जो श्रवण दास के कब्जे से बरामद हुई है। ओर यह कोई साधारण डायरी नहीं, बल्कि पीएलएफआई के गुप्त नेटवर्क की कुंजी साबित हो सकती है। आशंका है कि इसके पन्नों में संगठन के सक्रिय सदस्यों, लेवी वसूली के हिसाब-किताब, हथियारों के ठिकानों, संपर्क सूत्रों और कई गुप्त अभियानों का ब्योरा दर्ज है।

मामले में पुलिस का बयान

खूंटी के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने बताया कि श्रवण दास को शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उसने जरियागढ़ थाना क्षेत्र के तिलमी जंगल में हथियार छिपाकर रखने की जानकारी दी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम उसे लेकर जंगल पहुंची। उसकी निशानदेही पर हथियार और कारतूस बरामद किए गए, लेकिन बरामदगी पूरी होते ही उसने पुलिस का हथियार छीनकर भागने की कोशिश कर दी।

जीवित पकड़ने की कोशिश

सूत्रों के अनुसार, जंगल में कुछ मिनटों तक बेहद तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। जवानों ने पहले उसे जीवित पकड़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस पर हमला करने की मंशा और भागने के प्रयास को देखते हुए आत्मरक्षा में कार्रवाई करनी पड़ी। गोली लगने के बाद श्रवण दास को गिरफ्तार कर उपचार के लिए रिम्स भेजा गया। इस अभियान में केवल श्रवण दास ही नहीं, बल्कि उसके छह अन्य सहयोगी भी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। पुलिस ने चार हथियार, 29 कारतूस, लाल डायरी और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए हैं।

पीएलएफआई का आर्थिक तंत्र

पुलिस की नजर अब बरामद लाल डायरी पर टिकी है। माना जा रहा है कि इसके खुलासे पीएलएफआई के आर्थिक तंत्र, लेवी वसूली की श्रृंखला, हथियार आपूर्ति मार्ग और संगठन को संरक्षण देने वाले चेहरों तक पहुंच सकते हैं। यही कारण है कि हर पन्ने को बारीकी से खंगाला जा रहा है. तिलमी जंगल और आसपास के इलाकों में अभी भी व्यापक तलाशी अभियान जारी है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह केवल गिरफ्तारी की कार्रवाई नहीं, बल्कि पीएलएफआई के नेटवर्क की कमर तोड़ने की दिशा में बड़ी सफलता है।

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