न्यूज डेस्क: नीट पेपर लीक होने के बाद भारतीय रेलवे अब परीक्षा कराने के लिए किसी अन्य प्राइवेट सॉफ्टवेयर पर निर्भर नहीं रहेगी. वह खुद का सॉफ्टवेयर और सर्वर तैयार करने में लगी हुई है. जिससे परीक्षा में पारदर्शिता बढ़ेगी और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लग सकेगी.
Highlights:
इंडियन रेलवे ग्रुप D, NTPC, ALP, JE जैसे अन्य टेक्निकल परीक्षाएं कराता है. जिनमें लाखों की संख्या में कैंडिडेट्स शामिल होते हैं. फिलहाल इन परीक्षाओं के लिए प्राइवेट कंपनी के सर्वर और सॉफ्टवेयर की मदद लेनी पड़ती है, जिससे यह खतरा बना रहता है कि सिस्टम हैक हो जाएगा.
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रेलवे ने किया बड़ा बदलाव
रेलवे ने बड़ा बदलाव करते हुए अब अपनी भर्ती परीक्षाओं के संचालन के लिए इन-हाउस परीक्षा प्रणाली विकसित कर रही है. जिसमें रेलवे अपनी सुरक्षित के लिए RailNet नेटवर्क का उपयोग करेगा, जिससे परीक्षा प्रक्रिया सेफ और भरोसेमंद होगा. उनका मानना है कि बाहरी एजेंसियों पर कम निर्भर रहने से परीक्षा सही तरीके से आयोजित की जाएगी. जहां किसी भी प्रकार से प्रश्न पत्र लीक नहीं होंगे और न कोई बड़ी गड़बड़ियां होगी. वह पूरी तरह से आउटसोर्सिंग यानी बाहरी कमर्शियल एजेंसी पर अपनी निर्भरता को समाप्त कर देगा.
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रेलवे भर्ती प्रक्रिया सुरक्षित होगी
पिछले कुछ वर्षों में अगर परीक्षाओं की बात किया जाए, तो विभिन्न भर्ती और विभागीय परीक्षाओं के पेपर लीक हुई और अनियमितताओं के मामले सामने आए. इन सभी चीजों पर विशेष नजर रखते हुए रेलवे भर्ती प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित बनाया जा रहा है. वहीं इससे पहले भी रेलवे मंत्रालय विभागीय पदोन्नति ने परीक्षाओं को केंद्रीकृत कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के माध्यम से कराने का निर्णय लिया गया था.




