Friday, June 12, 2026

केरल में 16 शिगेला बैक्टीरिया संक्रमण की पुष्टि, कम उम्र के बच्चों में संक्रमण के लक्षण तेज

न्यूज डेस्क: केरल के वायनाड जिले में 7 लोगों में शिगेला संक्रमण की पुष्टि हुई है. जिससे इस बैक्टीरिया से संक्रमित लोगों की संख्या 16 हो गई. इस बारे में जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. के.टी. रेखा ने कहा कि जिले में महामारी की निगरानी, ​​बचाव के उपाय और जागरूकता अभियान तेज कर दिया गया हैं. उन्होंने कहा कि इस बीमारी से पीड़ित सभी 16 बच्चों की स्वास्थ्य की स्थिति फिलहाल ठीक है. इस दौरान शहर के अलग-अलग जिलों में शिगेला बैक्टीरिया की पुष्टि होने के बाद, स्वास्थ्य  विभाग ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया है.

डॉक्टर ने दी सलाह

डॉक्टर ने सलाह दी है कि जिन बच्चों में संक्रमण के लक्षण दिख रहे हैं उन्हें दूसरों के संपर्क में आने से सावधानी बरतनी चाहिए और कम से कम लोगों से मिलना चाहिए. इस बीमारी को बच्चों से दूसरों और वयस्कों में फैलने से रोकने के लिए जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए. नए लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य कर्मियों को बताना चाहिए और पास के स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज कराना चाहिए. लोगों को कभी भी खुद से दवा नहीं लेना चाहिए. 6 महीने के अंदर शिगेला से 2 की मौत हो चुकी हैं.

स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया गाइडलाइंस 

डीएमओ ने कहा कि, स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जारी गाइडलाइंस और बचाव के तरीकों पर लोगों को सख्ती से पालन करना चाहिए. लोगों को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना और अपने आस-पास के माहौल के अलावा खाने-पीने की चीजों की सफाई सुनिश्चित करने का आगाह किया है. इसके साथ ही अधिकारियों ने लोगों को अधिक सावधान रहने को कहा है, क्योंकि ये काफी तेजी से फैलने वाली बैक्टीरियल संक्रमण है. जो खराब पानी, खराब खाने और शारीरिक संपर्क से फैलता है. शिगेला के मुख्य लक्षण डायरिया, बुखार, पेट में तेज दर्द, और मल में खून और मवाद का आना हैं. इस तरह के लक्षण दिखते ही मेडिकल की मदद ले, खुद से दवा लेने से बचे.

शिगेला बैक्टीरिया क्या है

शिगेला बैक्टीरिया का एक ग्रुप है जो पाचन तंत्र पर हमला करता है और यह बहुत तेजी से फैलने वाली बीमारी है जो बड़ी आंत पर असर डालती है. यह बीमारी ज़्यादातर गंदे पानी और खाने से फैलती है. समय पर सही बचाव और इलाज न करने पर यह और भी अधिक गंभीर हो सकती है. वहीं इस बीमारी से मौत भी हो सकती है. 5 साल से कम उम्र के बच्चों को तेजी से यह बीमारी होती है. स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि यह बीमारी आंगनवाड़ी, स्कूल और चाइल्डकेयर सेंटर में तेजी से फैल सकती है. जिन बच्चों में इसके लक्षण मिलते हैं, उन्हें दूसरों से कम मिलना-जुलना चाहिए. ताकि यह बीमारी ज्यादा लोगों तक न फैलें.

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