Thursday, June 4, 2026

देवघर : एक लाख घूस लेकर साक्ष्य मिटाने और फर्जी एनकाउंटर की धमकी देने के मामले में जांच के आदेश

रांची : देवघर जिला के जसीडीह थाना प्रभारी से जुड़े एक गंभीर मामले में पुलिस मुख्यालय ने जिले के एसपी को जांच करने का आदेश दिया है. बताया जा रहा है कि जिस मामले में जांच कराने की बात कही गई है, उसमें जसीडीह थाना क्षेत्र के कुंजी सर गांव निवासी अक्षय कुमार पांडेय ने जसीडीह थाना प्रभारी दीपक कुमार पर गंभीर आरोप लगाया है और इस संबंध डीजीपी तदाशा मिश्रा से शिकायत की. इसके बाद ही पुलिस मुख्यालय ने देवघर एसपी को मामले की त्वरित जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया.

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18 अप्रैल की घटना को लेकर शिकायत

बताया जा रहा है कि DGP को भेजी गई शिकायत में पीड़ित अक्षय कुमार पांडेय ने बताया कि बीते 18 अप्रैल की शाम लगभग सात बजे मुन्ना पंडित, रामकृष्ण पंडित और गोविंद पंडित सहित करीब 10 लोगों ने उनके घर में घुसकर उनपर जानलेवा हमला किया. इस दौरान हुए बमबाजी की घटना में उनका पैर बुरी तरह झुलस गया तो वहीं सिर पर भी गहरी चोटें आई. मामले की सूचना पर मौके पर एएसआई कौशलेन्द्र कुमार के नेतृत्व में पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से कई अवशेषों को बरामद किया. इसमें सुतरी बम के अवशेष, पेट्रोल बम के अवशेष, खून से सना धारदार छौरा, आरोपी का गमछा आदि शामिल है.

एक लाख रिश्वत लेने का आरोप

शिकायत पत्र के अनुसार, जसीडीह थाना प्रभारी दीपक कुमार ने कथित तौर पर अपराधियों से एक लाख रुपया की नकद रिश्वत ली. रिश्वत लेकर उन्होंने न सिर्फ मामले के महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्यों को गायब कर दिया, बल्कि अपराधियों को पूर्ण प्रशासनिक संरक्षण भी प्रदान किया. संरक्षण मिलने के बाद अपराधियों के हौसले इतने बढ़ गए कि उन्होंने 16 मई को पीड़ित पर दोबारा जानलेवा हमला कर दिया, जिससे पीड़ित के दाहिने हाथ की कलाई की हड्डी टूट गई.

थाना प्रभारी पर धमकी के आरोप 

अक्षय कुमार पांडेय का आरोप है कि जब उन्होंने पुलिस मुख्यालय को इस मामले से अवगत कराया, तो थाना प्रभारी दीपक कुमार बौखला गए. पीड़ित का दावा है कि थाना प्रभारी ने उन्हें 13 घंटे तक थाने में अवैध बंधक बनाकर रखा और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए सीधे तौर पर धमकी दी.

थाना प्रभारी ने कहा, “ज्यादा होशियार मत बनो, गोली मार देंगे और एनकाउंटर कर देंगे. मैं विधायक का भांजा हूं, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता. चुपचाप सुलह-समझौता कर लो, नहीं तो झूठे मुकदमों में फंसाकर पूरा जीवन जेल में सड़ा देंगे.” यही नहीं, पीड़ित ने आरोप लगाया है कि जब उनकी वृद्ध मां और पत्नी थाने में गुहार लगाने गईं, तो थाना प्रभारी ने उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया, भद्दी गालियां दीं और उन्हें थाने से अपमानित करके खदेड़ दिया.

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