न्यूज डेस्क : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन ख़बरों को झूठ बताया है, जिनमें यह दावा किया गया था कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत बंद हो गई है. राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार देर रात को कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच लगातार बातचीत हो रही है. हालांकि, उन्होंने कहा कि ये बातचीत कहां जाएगी, यह कोई नहीं जानता. ट्रंप का यह बयान तब आया है, जब ईरान की ओर से यह कहा गया था कि लेबनान में जारी हमलों के कारण उन्होंने बातचीत रोक दी. हालांकि, ट्रंप की सलाह के बाद इसराइल ने लेबनान पर हमले रोकने की बात कह दी थी.
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ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, “ऐसी ख़बरें झूठी हैं, जिनमें कहा जा रहा है कि ईरान और अमेरिका ने कुछ दिन पहले बात करना बंद कर दिया. हमारे बीच बातचीत लगातार चल रही है- चार दिन पहले, तीन दिन पहले, दो दिन पहले, एक दिन पहले और आज भी. यह बातचीत कहां जाएगी, कोई नहीं जानता. लेकिन मैंने ईरान से कहा, ‘अब समय आ गया है कि किसी भी तरह से एक समझौता करना होगा. तुम जो कर रहे हो, वो 47 साल से चल रहा है और अब इसे जारी नहीं रखा जा सकता’.”
मोजतबा ख़ामेनेई के ज़िंदा होने पर बयान
इधर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई न सिर्फ़ ज़िंदा हैं, बल्कि अब पहले से ज़्यादा एक्टिव हैं. मार्को रुबियो ने मंगलवार को सीनेट की विदेशी मामलों की समिति को बताया, “मुझे लगता है कि कुछ संकेत हैं कि वो (मोजतबा ख़ामेनेई) किसी स्तर पर बड़ी भूमिका निभा रहे हैं.”
ईरानी टीवी के मुताबिक़, मोजतबा ख़ामेनेई को लंबे समय से जनता के बीच नहीं देखा गया है. वो अमेरिका और इसराइल के पहले हमले में घायल हुए थे. उसी हमले में उनके पिता अली ख़ामेनेई की मौत हो गई थी. हालांकि, राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने मई की शुरुआत में दावा किया था कि उन्होंने मोजतबा ख़ामेनेई से मुलाक़ात की है. दोनों की मुलाक़ात का कोई फ़ोटो या वीडियो जारी नहीं हुआ था. लेकिन पेज़ेश्कियान का कहना था कि दोनों के बीच ढाई घंटे तक बातचीत हुई.


