नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने CBSE में ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रक्रिया को लेकर विवाद के चलते बोर्ड चेयरमैन और सचिव को हटा दिया है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, छात्रों ने ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत की थी, जिसके बाद मंगलवार को यह कदम उठाया गया। इसके अलावा OSM सर्विस के टेंडर और खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है।
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उधर, री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक हुआ। CBSE के अनुसार, 2 मिनट में 15 लाख एक्सेस अटेंप्ट हुए, जबकि 1 लाख से ज्यादा बार सिस्टम की फाइलों तक बिना अनुमति पहुंचने की कोशिश की गई। हालांकि, साइबर अटैक के बावजूद पोर्टल काम करता रहा और दोपहर 3 बजे तक 16 हजार से ज्यादा छात्रों ने आवेदन कर दिया। यह पोर्टल सोमवार से शुरू होना था।
दरअसल, 13 मई को CBSE ने 12वीं का रिजल्ट जारी किया था। इस बार पहली बार कॉपियां कंप्यूटर स्क्रीन (OSM सर्विस) पर चेक की गई थीं। रिजल्ट आने के बाद कई छात्रों ने नंबरों को लेकर शिकायत की, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई।
OSM में 15 खामियां
CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली से प्रभावित 12वीं के छात्र सार्थक सिद्धांत मंगलवार को संसद की स्थायी समिति के सामने पेश हुए। उन्होंने OSM प्रणाली के लागू होने और इसके टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी बात रखी।
सूत्रों के मुताबिक, संसद भवन एनेक्सी में शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में सार्थक सिद्धांत ने कहा- मेरे ब्लॉग के अनुसार कम से कम 15 खामियां हैं। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने CBSE से कोएम्प्ट (COEMPT) को टेंडर देने को लेकर बोर्ड से रिपोर्ट मांगी है।


