Wednesday, July 22, 2026

खूंटी की महिला ने उगाये सबसे महंगे मियाजाकी आम, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 1.5 से 2 लाख रुपए प्रति किलो

खूंटी : जिले के तोरपा प्रखंड के मरचा मिशन गांव की एक आदिवासी महिला किसान सिलप्रिया टोपनो इन दिनों काफी चर्चा में हैं. उसने अपनी मेहनत और लगन से जापान के प्रसिद्ध और दुनिया के सबसे महंगे आमों में शामिल मियाजाकी आम की सफल खेती की और लोगों के बीच एक नई मिसाल पेश की है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस आम की कीमत लगभग 1.5 लाख- 2 लाख रुपये प्रति किलो तक है.

कोलकाता से ऑनलाइन मंगवाया था पौधा

सिलप्रिया ने अपनी बारी में मियाजाकी आम के 3 और अमेरिका रेड पाल्मर आम के 7 पेड़ समेत दर्जन अच्छे नस्ल के आम लगाए हैं. इन विदेशी प्रजाति के पौधे उसने वर्ष 2022 में कोलकाता से ऑनलाइन मंगवाए थे. उसने लगातार 4 वर्षों तक पेड़ो की देखभाल की. काफी मेहनत के बाद अब इन पेड़ों में फल आने शुरू हो गए हैं. इन पेड़ों में लगे लाल रंग के और बड़े आकार के आम लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं. वहीं कई फलों का वजन 1 किलो से अधिक है.

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चोरी होने के डर की चिंता 

महिला किसान को उम्मीद है कि विदेशी नस्ल के आमों की खेती से उसे अच्छी कमाई होगी. वहीं, इस बात की चर्चा से  उसकी चिंता भी बढ़ गई है. क्योंकि ये इन आमों की कीमत लाखों रुपये की है जिससे उसे इस बात का डर है कि आम की चोरी हो सकती है. जिस कारण से सिलप्रिया रातभर बगीचे में रहकर रखवाली कर रही हैं. इसके साथ ही उसने पेड़ों के चारों ओर बांस और तार से घेराबंदी कर दी है. वहीं गांव के लोग भी इस दुर्लभ आम को देखने के लिए दूर-दूर से आ रहे हैं.

पिछले वर्ष 1 हजार किलो बिका आम 

महिला ने बताया कि पिछले वर्ष वह पहली बार रांची में मियाजाकी आम लाकर 1 हजार रुपए किलो में बेची थी. फिर  उसने कहा कि इस बार फसल अच्छी हुई है, लेकिन गांव क्षेत्र में इतने महंगे आम खरीदने वाले ग्राहक नहीं मिल रहे हैं. यदि सरकार और उद्यानिकी विभाग उचित मार्केटिंग और निर्यात की व्यवस्था पर सहयोग करे, तो क्षेत्र के किसान विदेशी आम की खेती कर अच्छी आमदनी कर सकते हैं. इसके साथ ही उसने कहा कि उसने 4 साल पहले ऑनलाइन पौधा मंगवाकर लगाया था.

किसानों के लिए प्रेरणा बनी महिला

यह मियाजाकी आम जापान में उगाया जाता है, इसकी काफी मांग है. क्योंकि यह आम अपनी अनोखी गुणवत्ता और पोषक तत्वों के कारण पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. इसमें एंथोसायनिन, बीटा-कैरोटीन, विटामिन ए, विटामिन सी, फोलिक एसिड और पोटेशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है. यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, त्वचा को स्वस्थ रखने, आंखों की रोशनी बेहतर करने, दिल को स्वस्थ रखने और पाचन तंत्र को मजबूत करने में सहायक करता  है. ये महिला किसान अब पूरे जिले में खेती-किसानी के क्षेत्र में प्रेरणा बनकर उभर रही हैं. विदेशी आम की खेती ने उसे एक नई पहचान दी है, वही उसने जिले के किसानों के लिए आधुनिक और लाभकारी खेती की नई राह खोल दी है.

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