Thursday, July 23, 2026

तेलंगाना में हीटस्ट्रोक से अब तक 51 की मौत, परिजनों को मिलेगा 4 लाख रुपये का मुआवजा

न्यूज डेस्क: तेलंगाना में भीषण गर्मी के कारण शनिवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हीटस्ट्रोक से करीब 51 लोगों की मौत हो गई. वहीं शुक्रवार को तेज गर्मी के कारण से 34 लोगों की मौत हो गई. राज्य के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने ऐलान किया कि मरने वालों के परिवारों को 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा.

तेलंगाना के 15 जिलों में 45 डिग्री से ज़्यादा तापमान रिकॉर्ड किया गया. वहीं सबसे ज़्यादा तापमान 46.3 डिग्री कोठागुडेम में और सबसे कम तापमान 39.8 डिग्री नारायणपेट में रिकॉर्ड किया गया.

जिलों में हुई मौत का आंकड़ा 

संयुक्त करीमनगर जिले में 11, खम्मम में सात, आदिलाबाद में 5 और नलगोंडा में 5 लोगों की जान चली गई. उनमें से 1 की मौत सरस्वती अंतिम संस्कार में शामिल होने के दौरान हीटस्ट्रोक से हुई. वहीं सबसे ज़्यादा मौतें वारंगल जिले में हुईं, जहां 23 लोगों की मौत हुई. मंत्री ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपए मदद राशि देने का ऐलान किया है.

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गर्मी पर मंत्री का आदेश

मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने तेज़ गर्मी और लू को देखते हुए सचिवालय में इमरजेंसी रिव्यू किया और बताया कि जिन मंडलों और गांवों में सबसे ज़्यादा तापमान रिकॉर्ड किया जाता है, उनकी पहचान की जानी चाहिए साथ ही वहां के लोगों को पहले से चेतावनी दी जाए और जागरूकता फैलाई जाए.

मंत्री ने आदेश दिया है कि बस स्टैंड, बाजार, मुख्य सड़कों, उन इलाकों में जहां मजदूर ज़्यादा काम करते हैं और जहां लोग सबसे ज़्यादा आते-जाते हैं, वहां पीने का ठड़ा पानी, छाछ और ओआरएस पैकेट उपलब्ध कराए जाए.

पशु – पक्षियों को पानी देने की अपील

इसके साथ ही मंत्री ने कहा कि जीवों की रक्षा करना हमारी ज़िम्मेदारी है, फिर उन्होंने कहा कि कलेक्टरों को खुद हीटवेव की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए. गांव और मंडल लेवल के सभी स्टाफ को फील्ड लेवल पर रहना चाहिए. वहीं सनस्ट्रोक के लक्षण दिखते ही इमरजेंसी मेडिकल सर्विस को इलाज के लिए तैयार रहना चाहिए.

मंत्री रेड्डी ने कहा कि लोगों के साथ-साथ जीवों की रक्षा करना भी हमारी जिम्मेदारी है. जिसके लिए उन्होंने अपील की है कि पानी की टंकियों और मिट्टी के बर्तनों में पक्षियों और जानवरों को पीने का पानी दे.

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