न्यूज डेस्क: उत्तराखंड में खटीमा की बेटी तिला सेन ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह किया है. यह उत्तराखंड के साथ-साथ पूरे देश के लिए गर्व की बात है. तिला भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की पहली सर्व महिला पर्वतारोही टीम का हिस्सा बनी और उसने कठिन चुनौतियों और बर्फीले रास्तों को पार कर एवरेस्ट शिखर पर तिरंगा लहराकर इतिहास रच दिया है. उनके इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे खटीमा क्षेत्र में खुशी और गौरव का माहौल है.
Highlights:
देश का बढ़ाया गौरव
उत्तराखंड की बेटियां सभी क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं. इस कड़ी में तिला सेन ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़कर इतिहास रच दिया है. वह भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की पहली सर्व महिला है जो पर्वतारोही टीम का हिस्सा बनकर कठिन चुनौतियों को पार करते हुए लगभग 8,848 मीटर ऊंची एवरेस्ट चोटी पर तिरंगा फहराकर पूरे उत्तराखंड और देश का गौरव बढ़ाया है.
इसे भी पढ़े: पंजाब में ड्यूटी के लिए निकले ASI को आरोपियों ने मारी गोली, मौके पर ही मौत
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस से हैं जुड़ी
तिला सेन खटीमा क्षेत्र के चारूबेटा गांव निवासी है जिसने अपनी मेहनत, लगन और साहस के दम पर यह मुकाम हासिल किया है. जिसका सपना हर पर्वतारोही देखता है. वह एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती है इसने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चारूबेटा से प्राप्त की. इसके बाद उसने राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज नैनीताल तथा उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से शिक्षा हासिल की.
वह वर्ष 2021 में SSC GD के माध्यम से भारत-तिब्बत सीमा पुलिस में चयनित हुई. वहीं वर्तमान में उनकी तैनाती 36वीं वाहिनी आईटीबीपी, लोहाघाट, चम्पावत में है. तिला सेन आईटीबीपी की पहली सर्व महिला एवरेस्ट अभियान टीम का हिस्सा बनीं. जिसने नेपाल के साउथ कोल रूट से विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक विजय प्राप्त की.
तिला बनी प्रेरणास्रोत
19 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली से यह विशेष अभियान शुरु हुआ. जिसमें कुल 14 सदस्य शामिल थे. वहीं इनमें से 11 महिला पर्वतारोही थीं. कठिन मौसम, बर्फीले तूफानों और चुनौतीपूर्ण रास्तों का सामना करते हुए टीम ने 21 मई 2026 को सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर एवरेस्ट शिखर पर पहुंचकर तिरंगा फहराया. तिला सेन की इस उपलब्धि से उनके परिवार सहित पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है. वह परिवार में 5 बहनों और 2 भाइयों के बीच पली-बढ़ी और आज वहीं तिला क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं.


