रांची: झारखंड के कई जिलों में अचानक बदलते मौसम ने लोगों के जीवन पर गहरा असर डाला है, कभी आंधी-बारिश से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. वहीं अब भीषण गर्मी ने लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है. गर्मी को लेकर राज्य के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब जा चुका है, जबकि कुछ इलाकों में लू चलने की चेतावनी जारी है.
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गर्मी से आमजन के राहत दिलाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने और खराब चापाकलों की मरम्मत कराने के निर्देश दिया हैं. हालांकि, मौसम विभाग ने कई जिलों में आंधी- बारिश और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
सीएम हेमंत ने अधिकारियों को दिया निर्देश
अचानक बढ़ती भीषण गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया और कहा कि सभी सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों के लिए पीने के साफ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. इसके साथ ही किसी भी गांव, टोले या मोहल्ले में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए. वहीं उन्होंने बंद पड़े चापाकलों की जल्द मरम्मत कराने और ग्रामीण इलाकों में वैकल्पिक जल व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया है, जिससे लोगों को पानी के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े और इस भीषण गर्मी से कुछ राहत मिले.
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कई जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने 24 और 25 मई को रांची, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़ और बोकारो में दोपहर बाद तेज हवा चलने और गरज के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है. जबकि गिरिडीह, धनबाद, देवघर, दुमका, पाकुड़, गोड्डा व साहिबगंज में 50-60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी, वज्रपात और गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है. जिसे लेकर मौसम विभाग ने इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
मेदिनीनगर सबसे गर्म
मौसम विभाग के अनुसार, 26 मई को राज्य के उत्तर-पूर्व, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और निकटवर्ती मध्य भागों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ तेज हवा और वज्रपात की संभावना है. यह स्थिति 29 मई तक बनी रह सकती है.
इस बीच बीते शनिवार को मेदिनीनगर राज्य में सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री तक दर्ज किया गया. भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अंडमान-निकोबार तक पहुंच चुका है. जो 26 मई तक केरलम पहुंच सकता है. वहीं झारखंड में 7-10 जून के बीच संताल परगना के रास्ते मॉनसून प्रवेश कर सकता है.


