Wednesday, July 22, 2026

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी का निधन, पीएम मोदी व सीएम हेमंत सोरेन ने जताया शोक

नई दिल्ली : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता भुवन चंद्र खंडूरी का मंगलवार को निधन हो गया है. 91 वर्षीय खंडूरी लंबे समय से बीमार चल रहे थे और वेंटिलेटर पर थे. खंडूरी ने देहरादून के मैक्स अस्पताल में अंतिम सांस ली.

सेना से रिटायर होने के बाद राजनीति में कदम रखने वाले भुवन चंद्र खंडूरी 2007 से 2009 और 2011 से 2012 तक दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे. इसके अलावा वह गढ़वाल लोकसभा सीट से सांसद भी रहे हैं. वर्तमान में भुवन चंद्र खंडूरी की बेटी ऋतु भूषण खंडूरी उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष हैं.

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सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जताया शोक

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उनके निधन पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि खंडूरी ने सेना और सार्वजनिक जीवन में अनुशासन, ईमानदारी और समर्पण का उदाहरण पेश किया. उन्होंने कहा कि खंडूरी की सादगी, स्पष्टवादिता और कार्यशैली हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगी.

इधर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि यह समाचार अत्यंत दुःखद है। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में सादगी, ईमानदारी और जनसेवा के मूल्यों को सदैव सर्वोपरि रखा। देश और समाज के प्रति उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। मरांग बुरु दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिजनों को दुःख की घड़ी सहन करने की शक्ति दे।

पीएम मोदी ने शोक व्यक्त कर लिखा

इधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उत्तराखंड के पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर उनके साथ अपनी एक पुरानी तस्वीर सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, “उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खण्डूडी (सेवानिवृत्त) जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। सशस्त्र बलों से लेकर राजनीतिक जगत में उन्होंने बहुमूल्य योगदान दिया, जिसके लिए उन्हें सदैव याद किया जाएगा।”

आगे उन्होंने लिखा, “उत्तराखंड के विकास के लिए वे हमेशा समर्पित रहे, जो मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में भी साफ तौर पर दिखा। केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उनका कार्यकाल हर किसी को प्रेरित करने वाला है। देशभर में कनेक्टिविटी की बेहतरी के लिए उन्होंने निरंतर अथक प्रयास किए।”

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एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
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