Monday, April 27, 2026

झारखंड में 14 ट्रेजरी से हुई करोड़ों की फर्जी निकासी, महीने में दो बार वेतन निकासी का भी खुलासा

रांची: झारखंड में सरकारी ट्रेजरी से वेतन भुगतान में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। महालेखाकार (AG) की जांच में राज्य की 33 ट्रेजरी में से 14 ट्रेजरी में फर्जी निकासी और दोहरी सैलरी भुगतान की पुष्टि हुई है। जांच में यह भी सामने आया है कि पुलिस विभाग के सिपाही से लेकर DSP स्तर तक के अधिकारियों ने एक ही महीने का वेतन दो बार लिया।

31 करोड़ से ज्यादा की संदिग्ध निकासी

महालेखाकार की रिपोर्ट के अनुसार 14 ट्रेजरी से कुल 31 करोड़ 47 लाख 46 हजार 877 रुपये की संदिग्ध निकासी हुई है। जिन ट्रेजरी में गड़बड़ी मिली है उनमें हजारीबाग, बोकारो, रांची, देवघर, पलामू, गोड्डा, जमशेदपुर, तेनुघाट, गुमला, चाईबासा, महेशपुर, खूंटी, सरायकेला और रामगढ़ शामिल हैं।

जांच में नवंबर 2021 से दिसंबर 2025 के बीच 614 कर्मचारियों द्वारा एक ही महीने का वेतन दो बार लेने का मामला सामने आया है। इन कर्मचारियों को दोबारा वेतन देने में करीब 7.67 करोड़ रुपये की निकासी हुई। रिपोर्ट के अनुसार यह भुगतान एक ही DDO (ड्राइंग एंड डिसबर्सिंग ऑफिसर) के जरिए किया गया।

DSP और सिपाहियों के नाम भी शामिल

जांच में कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम सामने आए हैं। इनमें DSP नौशाद आलम, DSP राजेश यादव, DSP मणिभूषण प्रसाद और DSP मुकेश कुमार महतो सहित कई सिपाहियों पर एक महीने का वेतन दो बार लेने का आरोप है। महालेखाकार की जांच में पता चला कि कई मामलों में एक ही व्यक्ति के नाम पर दो अलग-अलग Payee ID बनाकर पैसे निकाले गए। गुमला ट्रेजरी से लगनू उरांव के नाम पर जनवरी 2024 से नवंबर 2024 के बीच 29.39 लाख रुपये निकाले गए। वहीं सरायकेला ट्रेजरी से तुलसी सोय के नाम पर 21.22 लाख रुपये की निकासी हुई।

सिस्टम की खामियों का उठाया फायदा

जांच में यह भी सामने आया कि सरकारी वित्तीय प्रणाली और ई-कुबेर पोर्टल की खामियों का फायदा उठाकर फर्जी भुगतान किए गए। आरोप है कि कुछ कर्मचारियों ने Payee ID और बैंक डिटेल में बदलाव कर रकम अपने या रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर कर दी।

अब तक पुलिस विभाग में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं, लेकिन महालेखाकार ने कृषि, पशुपालन, स्वास्थ्य और अन्य विभागों में भी फर्जी निकासी की आशंका जताई है। इसके बाद राज्य सरकार ने पूरे मामले की व्यापक जांच शुरू कर दी है।

हजारीबाग और बोकारो में मामले ज्यादा

जांच रिपोर्ट के अनुसार हजारीबाग ट्रेजरी से सबसे ज्यादा 19.34 करोड़ रुपये की संदिग्ध निकासी हुई है। इसके बाद बोकारो से 5.12 करोड़ रुपये और रांची से 1.67 करोड़ रुपये की निकासी सामने आई है। मामला सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष ने इस मामले की CBI जांच की मांग की है, जबकि राज्य सरकार ने कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और मामले की गहन जांच कराई जा रही है।

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