Thursday, November 5, 2026

संसद में महिला आरक्षण विधेयक नहीं परिसीमन बिल पेश हुआ था, जिसे विपक्ष ने गिराया : कांग्रेस

रांची : केंद्र सरकार द्वारा संसद में महिला आरक्षण विधेयक नहीं परिसीमन बिल पेश हुआ था जिसे विपक्ष ने गिराया। ओबीसी महिलाओं को आबादी के हिसाब से आरक्षण मिलना चाहिए। ओबीसी महिलाओं को हक और अधिकार से वंचित रखने के लिए भाजपा कुत्सित प्रयास कर रही है। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रितु चौधरी ने केंद्र सरकार पर देश की महिलाओं को बरगलाने व देश की जनता से झूठ बोलने का भी आरोप लगाया।

बुधवार को झारखंड प्रदेश कांग्रेस भवन में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रस की राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि महिला आरक्षण की आड़ में सरकार द्वारा परिसीमन बिल लाया गया था जिसे विपक्ष द्वारा गिराया गया। 2023 में पूरे विपक्ष ने भाजपा का साथ देकर महिला आरक्षण विधेयक पास कराया लेकिन सरकार की नियत में खोट था इसलिए 2024 के चुनाव के पूर्व इस अधिसूचित कर लागू नहीं किया गया। अगर सरकार की नियत सही होती तो महिलाओं को 2024 के चुनाव में ही आरक्षण मिल गया होता।

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जनगणना और परिसीमन की शर्तें

2023 में बिल के साथ जनगणना और परिसीमन की शर्तें लगाकर उसे लागू नहीं किया गया। आनन-फानन में परिसीमन बिल को पेश करने के पहले ढाई वर्षो के बाद महिला आरक्षण विधेयक को अधिसूचित किया गया। इससे सरकार की नियत में खोट पुख्ता हो जाती है कि वह महिला सशक्तिकरण के खिलाफ है। संवाददाता सम्मेलन में मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा, अध्यक्ष सतीश पॉल मुंजनी, सोनाल शांति, कमल ठाकुर उपस्थित थे।

संबोधन के नाम पर झूठ

देश के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री द्वारा कांग्रेस को बदनाम करने की कोशिश की गई। संबोधन के नाम पर महिलाओं और देश से झूठ बोला गया। भाजपा देश में मनमाने ढंग से परिसीमन लागू करना चाहती है जिस तरह जम्मू कश्मीर में मनमाना परिसीमन लागू किया गया था,जहां जम्मू को ज्यादा और कश्मीर को कम सिटें दी गई।

वर्तमान में संसद में पेश परिसीमन बिल देश को तोड़ने वाला था इस बिल से उत्तर पूर्व, गोवा,दक्षिण भारत के राज्य व्यापक रूप से प्रभावित होते। देश में राजनीतिक रूप से इन राज्यों को हासिये पर धकेलना की तैयारी थी इन राज्यों की सिटें घटकर भाजपा वर्तमान के अपने प्रभाव वाले राज्यों में सिटें बढ़ाना चाहती थी।

सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

उन्होंने कहा कि 2017 में सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर महिला आरक्षण बिल लाने की मांग की थी वही 2018 में राहुल गांधी ने 32 लाख हस्ताक्षरों के साथ पत्र लिखकर प्रधानमंत्री से महिला आरक्षण बिल को संसद में लाने की मांग की थी। कांग्रेस चाहती है कि सरकार 543 सीटों पर आज ही महिला आरक्षण कानून लागू करें ताकि संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 2029 के चुनाव में 181 की संख्या में हो। लेकिन प्रधानमंत्री इससे दूर भाग रहे हैं उनकी नियत महिलाओं को अधिकार देने की नहीं है।

एयर नाऊ स्पेशल

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