हजारीबाग: हजारीबाग शहर में रामनवमी पर्व के दौरान हुई हिंसक घटनाओं का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। व्यक्तिगत दुश्मनी और आपसी विवाद के कारण हुई तीन अलग-अलग घटनाओं में पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद किए हैं। 29 मार्च की रात झंडा चौक के पास शोभायात्रा के दौरान अभिषेक कुमार की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों (श्याम कुमार उर्फ कारू, आदित्य कुमार हरि उर्फ आदि, रिशि कुमार, समीर वाल्मिकी और विजय कुमार विनायक) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल तलवार और चाइनीज चाकू भी बरामद किए हैं।
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शराब और विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जुलूस के दौरान कई लोग शराब और गांजा के नशे में थे। इसी दौरान एक युवक जुलूस में घुस गया और विवाद हो गया। गुस्से में आकर आरोपियों ने उस पर लाठी, तलवार और चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। कोर्रा थाना क्षेत्र में मुकेश सिंह पर चाकू से हमला करने की घटना का भी पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में आरोपी राजू थोथा उर्फ प्रणय कुमार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसके पास से खून लगा हुआ भुजाली भी बरामद किया है। यह हमला भी पुराने विवाद और जुलूस के दौरान हुए तनाव का परिणाम बताया जा रहा है।
गदोखर में रामकुमार साव हत्याकांड का उद्भेदन
पेलावल ओपी क्षेत्र के गदोखर गांव में रामकुमार साव की हत्या के मामले में भी पुलिस को सफलता मिली है। 28 मार्च की रात शोभायात्रा के दौरान उन पर भुजाली से हमला कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में करण कुमार यादव, नितेश यादव और अरुण यादव को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। इन सभी मामलों की जांच के लिए गठित एसआईटी टीम ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान कर छापेमारी की। पुलिस का कहना है कि त्वरित कार्रवाई के कारण ही इन मामलों का जल्द खुलासा संभव हो पाया। लगातार हुई इन घटनाओं के बाद पुलिस और प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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