नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद सांसद राघव चड्ढा ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि उन्हें खामोश करने की कोशिश की गई है, लेकिन वे हारे नहीं हैं और आगे भी जनता के मुद्दे उठाते रहेंगे। राघव चड्ढा ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि उन्हें जब भी संसद में बोलने का अवसर मिलता है, वे आम जनता के मुद्दों को उठाते हैं। उन्होंने कहा कि वे ऐसे विषयों पर भी चर्चा करते हैं, जो सामान्यतः संसद में नहीं उठाए जाते। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जनता की आवाज उठाना कोई अपराध है या उन्होंने कोई गलती की है।
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राघव चड्ढा का आरोप
चड्ढा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर उनके बोलने पर रोक लगाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि आखिर उनके बोलने पर रोक क्यों लगाई जा रही है, जबकि वे हमेशा देश के आम आदमी के हित की बात करते हैं। गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुरुवार को राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया। उनकी जगह राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस संबंध में पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र भेजकर औपचारिक सूचना भी दे दी है। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। राघव चड्ढा के बयान से यह संकेत मिल रहा है कि पार्टी के अंदर कुछ मतभेद हो सकते हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से इस फैसले पर विस्तृत बयान अभी तक सामने नहीं आया है।
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