Wednesday, July 22, 2026

रामगढ़ में JEE-Mains 2026 से पहले फर्जीवाड़े का खुलासा, विश्वविद्यालय कर्मी समेत तीन गिरफ्तार

रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में JEE-Mains 2026 परीक्षा से पहले एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। राधा गोविंद विश्वविद्यालय के परीक्षा केंद्र पर गड़बड़ी की साजिश रचने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिससे परीक्षा की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच में सामने आया है कि 2 से 8 अप्रैल तक होने वाली परीक्षा में चुनिंदा अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए कंप्यूटर सिस्टम में छेड़छार की जा रही है।

तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें विश्वविद्यालय का एक टेक्नीशियन भी शामिल है। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि इस फर्जीवाड़े के पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है, जिसमें कई राज्यों के लोग जुड़े हुए हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 70 मॉनिटर, 3 राउटर, 1 सीपीयू, 4 मोबाइल फोन और एक वाहन जब्त किया है। इन उपकरणों का उपयोग परीक्षा में गड़बड़ी करने के लिए किया जा रहा था।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव निर्मल कुमार मंडल के बयान पर टेक्नीशियन दिनेश कुमार महतो सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं बिहार के सारण जिले के सूरज कुमार सिंह, टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (TCS) के कर्मचारी राजेश ठाकुर, रविशंकर और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ रामगढ़ थाने में मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई तेज

रामगढ़ के एसपी अजय कुमार ने बताया कि गिरोह में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया है। वहीं उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज ने पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर रिपोर्ट मांगी है। पुलिस के अनुसार, गिरोह चुनिंदा अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए मोटी रकम वसूल रहा था। हालांकि विश्वविद्यालय प्रबंधन की सतर्कता के कारण इस पूरे नेटवर्क का समय रहते खुलासा हो सका।

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परीक्षा संचालन प्रक्रिया पर उठे सवाल

गौरतलब है कि पिछले चार वर्षों से JEE-Mains परीक्षा इसी विश्वविद्यालय के कंप्यूटर लैब में आयोजित होती रही है, जिसे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के तहत TCS संचालित करता है। परीक्षा से पहले सिस्टम अपने नियंत्रण में लेने की प्रक्रिया का दुरुपयोग कर इस साजिश को अंजाम देने की कोशिश की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस फर्जीवाड़े से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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एयर नाऊ स्पेशल

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