नैनीताल: जनपद में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गुंडा घोषित कर दिया है। जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल ने उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के तहत इन सभी को 6 महीने के लिए जिला बदर करने का आदेश जारी किया है। प्रशासन के अनुसार, इन आरोपियों का आपराधिक इतिहास गंभीर है और उनकी गतिविधियों से क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा था।
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इन आरोपियों पर हुई कार्रवाई
जिन लोगों को जिला बदर किया गया है, उनमें राहुल (रामनगर), संजय आर्य (काठगोदाम), अनुज राज सिंह (रामनगर), शाहिद (रामनगर), कौशल चिलवाल (रामनगर), सलमान (बनभूलपुरा), मोहसिन (बनभूलपुरा), शादाब (बनभूलपुरा) और प्रदीप सागर अमन (मुखानी) शामिल हैं। इन सभी पर आईपीसी, एनडीपीएस, आबकारी और आर्म्स एक्ट के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं।
कुछ आरोपियों को मिली राहत
वहीं, जांच के दौरान कुछ व्यक्तियों के व्यवहार में सुधार पाए जाने पर प्रशासन ने उन्हें राहत दी है। शनि बाबू (लालकुआं), संजय बिनवाल (लालकुआं), हिमांशु शाही (भवाली), सूरज कुमार (देवलचौड़) और मोहम्मद आबिद (कालाढूंगी) के खिलाफ जारी गुंडा एक्ट के नोटिस को निरस्त कर दिया गया है।
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प्रशासन का सख्त संदेश
जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि अपराध और असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ सख्ती लगातार जारी रहेगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन लोगों के व्यवहार में सुधार देखा जाएगा, उन्हें कानून के दायरे में राहत दी जाएगी। इस कार्रवाई को जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि आगे भी ऐसे तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाएगी, ताकि आम जनता सुरक्षित महसूस कर सके।

