मुजफ्फरपुर: देश की सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले एक गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला, एक नाबालिग और बिहार का एक युवक शामिल है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
Highlights:
नेटवर्क से जुड़े अहम खुलासे
पुलिस ने मथुरा, फरीदाबाद और दिल्ली से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें महिला मीरा, बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी नौशाद अली उर्फ लालू और एक नाबलिग शामिल है। तीनों पर पाकिस्तान को संवेदनशील जानकारी भेजने का आरोप है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह मेरठ के सुहेल मलिक उर्फ रोमियो के इशारे पर काम करता था। सुहेल इस नेटवर्क का सरगना है और अब तक एस मामले में कुल 22 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि उन्हें इसी नेटवर्क में सुहेल ने जोड़ा था।
रेलवे स्टेशन और सुरक्षा बलों की जानकारी भेजते थे
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल के अनुसार, आरोपी रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा बलों की फोटो और वीडियो बनाकर व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पाकिस्तान भेजते थे। इसके बदले उन्हें प्रति फोटो 4 से 6 हजार रुपए मिलते थे। मथुरा से पकड़ी गई महिला मीरा को मुंबई पुलिस का मुखबिर बताया जा रहा है। वहीं नाबालिग आरोपी दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर सोलर बेस्ड कैमरा लगाने के लिए आरोपियों के साथ गया था, जिससे संवेदनशील गतिविधियों की निगरानी की जा सके।
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नौशाद अली की पृष्ठभूमि
गिरफ्तार नौशाद अली उर्फ लालू बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के हरचंदा गांव का रहने वाला है। वह करीब दो साल पहले दिल्ली आया था और हाल ही में फरीदाबाद के गांव नचौली में पेट्रोल पंप के पास पंचर बनाने की दुकान चला रहा था। उसके रहन-सहन में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया, जिससे उस पर किसी को शक नहीं हुआ। 16 मार्च की शाम गाजियाबाद पुलिस सादे कपड़ों में जांच के लिए पेट्रोल पंप पर पहुंची।
पुलिसकर्मियों ने कर्मचारियों से पूछताछ की और नौशाद अली के बारे में जानकारी ली। पहचान होने के बाद पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया और उसका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया। पुलिस का कहना है कि इस जासूसी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही हैं।


