कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने बड़ा कदम उठाते हुए 294 में से 291 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। बाकी 3 सीटें सहयोगी बीजीपीएम (BGPM) के लिए छोड़ी गई हैं। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने इस बार टिकट वितरण में बड़े बदलाव करते हुए कई मौजूदा विधायकों के टिकट काटे हैं और नए चेहरों को मौका दिया है।
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बड़ी संख्या में विधायकों के टिकट कटे
इस बार पार्टी ने करीब एक तिहाई बदलाव करते हुए 74 मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए हैं। इसके अलावा 15 विधायकों की सीटें भी बदली गई हैं। यह फैसला पार्टी के भीतर नए चेहरों को मौका देने और संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस बार भबानीपुर सीट से चुनाव लड़ेंगी। उनका मुकाबला भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी से होने की संभावना है। गौरतलब है कि 2021 के चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हराया था।
उम्मीदवारों की सूची जारी करते हुए ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि BJP को डरने की जरूरत नहीं है और अगर चुनाव लड़ना है तो गैस संकट जैसी समस्याएं पैदा करने के बजाय मैदान में आकर मुकाबला करना चाहिए।
सेलिब्रिटी से दूरी, जमीनी नेताओं पर भरोसा
TMC ने इस बार सेलिब्रिटी चेहरों से दूरी बनाते हुए जमीनी स्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी है। जहां 2021 में 15 सेलिब्रिटी उम्मीदवारों को टिकट दिया गया था, वहीं इस बार केवल 2 सेलिब्रिटीज को मौका मिला है। उम्मीदवारों की सूची में 52 महिलाएं शामिल हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में पार्टी के प्रयास को दर्शाता है। वहीं 40 साल से कम उम्र के 42 उम्मीदवारों को भी टिकट दिया गया है, जिससे युवाओं को राजनीति में आगे लाने की कोशिश की गई है।
सामाजिक संतुलन पर जोर
TMC ने सामाजिक संतुलन बनाए रखने पर भी ध्यान दिया है। सूची में 47 उम्मीदवार अल्पसंख्यक समुदाय से हैं, जबकि 95 उम्मीदवार SC/ST वर्ग से आते हैं। इससे पार्टी का विभिन्न वर्गों को साथ लेकर चलने का संदेश साफ झलकता है। तृणमूल कांग्रेस की यह सूची साफ तौर पर दिखाती है कि पार्टी इस बार नए चेहरों, सामाजिक संतुलन और जमीनी पकड़ के साथ चुनाव मैदान में उतर रही है। अब देखना होगा कि यह रणनीति चुनाव में कितना असर दिखाती है।


