काबुल: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ता तनाव अब गंभीर सैन्य टकराव में बदलता नजर आ रहा है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक सोमवार देर रात काबुल के कई इलाकों में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। बताया जा रहा है कि हमले के दौरान आसमान में आग के गुबार और धुएं के बादल दिखाई दिए। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि लड़ाकू विमानों के जरिए कुछ ही मिनटों में शहर के कई हिस्सों को निशाना बनाया गया।
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कई इलाकों को बनाया गया निशाना
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राजधानी के दारुलअमान, अरजान कीमत, खैरखाना, एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र, राष्ट्रपति भवन और रक्षा मंत्रालय के पास के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया। हमले के बाद पूरे शहर में अफरा-तफरी मच गई। कई जगहों पर देर रात तक आग लगी रही, जबकि राहत और बचाव दल मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटे रहे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में सैकड़ों लोगों की मौत होने की आशंका जताई जा रही है, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि कई लोग अभी भी मलबे में फंसे हो सकते हैं।
अस्पताल को भी नुकसान, हालात गंभीर
अफगान अधिकारियों के अनुसार हमले में एक बड़े सरकारी अस्पताल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। बताया जा रहा है कि यह अस्पताल करीब 2000 बेड की क्षमता वाला था, जहां उस समय बड़ी संख्या में मरीज भर्ती थे। घटना के बाद अस्पताल परिसर से धुआं उठता देखा गया और स्ट्रेचरों पर घायलों व शवों को बाहर लाया गया। इससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
अफगानिस्तान ने लगाया गंभीर आरोप
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने इस हमले को मानवता के खिलाफ अपराध बताते हुए पाकिस्तान पर एयरस्पेस का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह के हमले से क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ेगी।
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वहीं पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसकी कार्रवाई केवल आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ थी। पाकिस्तान का कहना है कि उसने नागरिक क्षेत्रों को निशाना नहीं बनाया और यह ऑपरेशन सुरक्षा के मद्देनजर किया गया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और अनिश्चितता का माहौल बन गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटनाक्रम को लेकर चिंता जताई जा रही है।

