Monday, November 2, 2026

बिहार राज्यसभा चुनाव: 5वीं सीट पर कड़ा मुकाबला, एनडीए ने विधायकों को पटना में रहने का दिया निर्देश

पटना: बिहार में 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। 5वीं सीटों के लिए 6 उम्मीदवार मैदान में उतरने से खासकर पांचवीं सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। इस सीटों पर जीत सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय जनतांभिक गठबंधन (एनडीए) ने अपनी रणनीति तेज कर दी है और विधायकों को एकजुट रखने पर जोर दिया जा रहा है।

एनडीए की रणनीतिक बैठक 

राज्यसभा चुनाव को लेकर एनडीए की अहम बैठक भाजपा के राष्ट्रीय पर्यवेक्षक और छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा की मौजूदगी में आयोजित की गई। भाजपा की ओर से उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सरकारी आवास पर देर रात तक चली बैठक में गठबंधन के विधायकों के साथ चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान एनडीए के सभी पांच उम्मीदवारों को जीत दिलाने के लिए एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया गया।

विधायकों को दी गई खास हिदायत

बैठक में विधायकों को मतदान प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी गई और उन्हें सावधानी बरतने के लिए कहा गया। खास तौर पर यह ध्यान दिलाया गया कि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी गलती न हो, क्योंकि इससे वोट निरस्त होने का खतरा रहता है। इसके साथ ही सभी विधायकों को 16 मार्च तक पटना में ही रहने का निर्देश दिया गया ताकि चुनाव के दौरान किसी तरह की चूक न हो।

चार दिन पटना नहीं छोड़ने की अपील

बैठक का संचालन विधानसभा के उप मुख्य सचेतक विनोद नारायण झा ने किया। उन्होंने सभी विधायकों से अगले चार दिनों तक पटना नहीं छोड़ने की अपील की। साथ ही उन्हें यह भी सलाह दी गई कि वे किसी भी अनजान या अवांछित फोन कॉल पर ध्यान न दें और किसी के बुलाने पर कहीं इधर-उधर न जाएं।

नेताओं ने किया विधायकों को संबोधित

बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा के अलावा राज्यसभा चुनाव लड़ रहे एनडीए के तीन उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर और शिवेश कुमार ने भी विधायकों को संबोधित किया। इस दौरान अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी विधायकों को चुनाव के महत्व और एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया।

एनडीए की रणनीति के तहत आगे भी दो महत्वपूर्ण बैठकें प्रस्तावित हैं। 14 मार्च को राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष और एनडीए के राज्यसभा उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर बैठक होगी। इसके बाद 15 मार्च को संसदीय कार्य मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी के आवास पर अंतिम रणनीतिक बैठक आयोजित की जाएगी।

विधानसभा में दलों की स्थिति

बिहार विधानसभा में एनडीए के पास स्पष्ट बहुमत है। गठबंधन के कुल 202 विधायक हैं, जिनमें भाजपा के 89, जदयू के 85, लोजपा (रामविलास) के 19, हिंदुस्तानी अवामी मोर्चा के 5 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के 4 विधायक शामिल हैं। वहीं महागठबंधन अपेक्षाकृत कमजोर स्थिति में है। राजद के 25, कांग्रेस के 6, भाकपा (माले) के 2, भाकपा के 1 और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के 1 विधायक हैं। इसके अलावा कुछ अन्य दल भी विधानसभा में मौजूद हैं, जिनकी भूमिका चुनाव में अहम मानी जा रही है। एआईएमआईएम के 5 और बसपा के 1 विधायक हैं। ऐसे में पांचवीं सीट के मुकाबले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और भी तेज हो गई हैं।

एयर नाऊ स्पेशल

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