Wednesday, September 16, 2026

झारखंड में बुधवार से बजट सत्र, JMM-BJP गठबंधन की चर्चाओं ने फिर पकड़ा जोर

रांची: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर नए समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई है। पिछले कुछ दिनों में हुई तीन घटनाओं के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या राज्य की राजनीतिक तस्वीर बदल सकती है। हालांकि इन अटकलों पर किसी भी दल की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

हेमंत सोरेन के बयान से चर्चा

हेमंत सोरेन हाल ही में रांची में एक निजी कार्यक्रम में शामिल हुए थे। वहां एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वे विदेश जाकर देश के बारे में गलत बात नहीं कर सकते, क्योंकि यह घर की लड़ाई है और इसे घर में ही सुलझाया जाना चाहिए। इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं और इसे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संदर्भ में देखा जाने लगा।

सोशल मीडिया पर पंकज मिश्रा और बाबूलाल मरांडी की एक तस्वीर वायरल हुई, जिसमें पंकज मिश्रा उन्हें प्रणाम करते दिख रहे हैं। पहले दोनों के बीच तीखी बयानबाजी होती रही है, इसलिए इस तस्वीर के बाद कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं। हालांकि इस मुलाकात को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

केएन त्रिपाठी के बयान से हलचल

13 फरवरी को मेदनीनगर में कांग्रेस नेता केएन त्रिपाठी ने दावा किया कि निकाय चुनाव के बाद JMM का BJP में विलय हो सकता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए अमित शाह की अनुमति भी मिल चुकी है। हालांकि कांग्रेस के अन्य नेताओं ने इस बयान को गलत और बेबुनियाद बताया।

JMM-BJP गठबंधन की चर्चा क्यों?

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राज्य में अक्सर गठबंधन बदलने की अटकलें लगती रहती हैं, खासकर जब बड़े नेताओं की दिल्ली यात्राएं या बड़े बयान सामने आते हैं। इस समय झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो जाती हैं। अब तक किसी भी दल ने JMM और BJP के बीच किसी गठबंधन या विलय की पुष्टि नहीं की है। राजनीतिक दलों का कहना है कि ऐसी खबरें सिर्फ अफवाह हैं। झारखंड की राजनीति में अटकलों और बयानों का दौर नया नहीं है। फिलहाल राज्य में कोई बड़ा राजनीतिक बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन हाल की घटनाओं ने एक बार फिर चर्चा का माहौल जरूर बना दिया है।

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एयर नाऊ स्पेशल

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